यूपी चुनाव: संघ की ग्राउंड रिपोर्ट के बाद चिंता में भाजपा, अंतिम चरण के लिए बनाई नई रणनीति

यूपी चुनाव: संघ की ग्राउंड रिपोर्ट के बाद चिंता में भाजपा, अंतिम चरण के लिए बनाई नई रणनीति

सोमवार (27 फरवरी) को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के पांचवें चरण के लिए मतदान किया जा रहा है। वहीं आगामी तीन चरणों के लिए बीजेपी ने अपनी रणनीति बदल ली है। पहले चार चरणों में बीजेपी के पीछे होने की खबर से परेशान होकर पार्टी ने आगामी तीन चरणों में अपना पूरा दम लगाने की तैयारी कर ली है। इन तीन चरणों में 25 जिलों की 141 सीटों पर मतदान होने हैं। बीजेपी उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए अपना पूरा जोर लगा रही है। पहले चार चरणों में 262 सीटों पर मतदान हुए थे जिनमें से बीजेपी दावा कर रही थी कि वह 175 सीटों पर जीत हासिल करेगी।

वहीं संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा पहले चार चरणों की बीजेपी को सौंपी गई रिपोर्ट से वह चिंतित हो गई है। संघ द्वारा बीजेपी को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले चार चरणों में बीजेपी को मु्श्किल से 75 सीटें ही मिल सकती हैं। इसी से परेशान बीजेपी ने आगामी तीन चरणों के लिए अपनी चुनावी रणनीति को बदल लिया है। इसके बाद बीजेपी ने तय किया है कि वे प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ज्यादा रैलियों का आयोजन करेंगे जिससे कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने में मदद मिल सके। वहीं राजनीति के विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी तीन चरणों के चुनावों के लिए मोदी की रैलियों के दम पर बीजेपी प्रदेश में जीत दर्ज करा सकती है। साथ ही उनका यह भी कहना है कि प्रदेश में सरकार बनाने के लिए मोदी के साथ-साथ बीजेपी सांसद अदित्यनाथ को भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी क्योंकि अदित्यनाथ का गोरखपुर में काफी दबदबा है।

नई रणनीति अपनाते हुए बीजेपी ने संघ के कार्यकर्ताओं को मतदाताओं को अपने मतदान के अधिकार के लिए जागरुक कर उनसे मतदान डालवाने का जिम्मा सौंपा है। 27 फरवरी को हो रहे पांचवे चरण के चुनाव के बारे में बात करें तो 11 जिलों की 51 सीटों पर मतदान किए जा रहे हैं। वैसे तो 52 सीटों पर मतदान किए जाने थे लेकिन अंबेडकरनगर की अलापुर सीट से सपा के प्रत्याशी चंद्रशेखर कनौजिया की मृत्यु के बाद यहां की सीट के लिए होने वाले मतदान को 9 मार्च तक के लिए टाल दिया गया है।

COurtesy:Jansatta 

Categories: Politics

Related Articles