भाजपा शाषित राज्यों में उत्तर प्रदेश से काफी ज़्यादा ख़राब है क्राइम रेट

भाजपा शाषित राज्यों में उत्तर प्रदेश से काफी ज़्यादा ख़राब है क्राइम रेट

 

उत्तर प्रदेश में अपनी रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 5 फरवरी 2017 को ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश क्राइम करने की श्रेणी में नंबर 1 पर आ गया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी यही बात 3 फरवरी को कही थी और साथ में यह भी घोषित किया था कि भाजपा शाषित राज्यों में क़ानून की स्तिथि बहुत बेहतर है।

अक्सर चुनावी रैलियों में कही जाने वाली बातों में सच्चाई कम होती है और एक नागरिक का यह फ़र्ज़ होता है कि इन बातों को मान कर वोट डालने से पहले एक बार आंकड़ों की जांच कर सच्चाई समझ ले। इस लेख में हम पड़ताल करेंगे कि प्रधानमंत्री और अमित शाह दोनों की बातों में कितनी सच्चाई है।  हालाँकि सरकारी आंकड़े भी ज़्यादातर पूरी तस्वीर नहीं बयां करते पर प्रधानमंत्री से कम से कम यह उम्मीद तो की जाती है कि वह खुद तो थोड़ा अपने ही सर्कार के द्वारा जारी कियेआंकड़ो को पड़े। इस लेख में जो भी आंकलन किया हुआ है वह ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड बयूरो’ जो एक केंद्र सर्कार के ग्रह मंत्रालय की संस्था है, उसके द्वारा जारी किये 2015 के आंकड़ों पर आधारित है। आंकड़ो के लिए यह लिंक देंखे:

http://ncrb.nic.in/StatPublications/CII/CII2012/cii-2012/Table%203.1.pdf

http://ncrb.nic.in/StatPublications/CII/CII2013/CII13-TABLES/Table%203.1.pdf

http://ncrb.nic.in/StatPublications/CII/CII2014/Table%203.1.pdf

http://ncrb.nic.in/StatPublications/CII/CII2015/FILES/Table%203.1.pdf

यह समझना होगा कि किन्हीं भी दो राज्यों की तुलना करनी हो तो रोज़ हुए अपराध की संख्या नहीं देखि जा सकती, तुलना करने के लिए क्राइम रेट निकाला जाता है। ऐसा इसीलिए किया जाता है क्योंकि दिल्ली जैसे छोटे राज्य कि  तुलना उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य से करेंगे तो स्वाभाविक सी बात है कि उत्तर प्रदेश में अपराध ज़्यादा हुए होंगे, इसीलिए तुलना किये जाने के लिए आंकड़ो को हर 1,00,000 आबादी के रेट पर निकाला जाता है और वह कहलाता है क्राइम रेट। क्राइम रेट एक राज्य में प्रति 1,00,000 लोगों कि आबादी के साथ हुए अपराध का ब्यौरा देता है, इसीलिए राज्यों कि तुलना करना इससे आसान हो जाता है।  NCRB जो सरकारी संस्था है वह भी रैंकिंग करने के लिए इसी फार्मूला का इस्तेमाल करती है। क्राइम रेट निकाल कर हम यह दो आंकलन कर पाए हैं:

  1. उत्तर प्रदेश केंद्र सर्कार के आंकड़ो के हिसाब से क्राइम रेट में काफी पीछे: क्राइम रेट के हिसाब से देखे तो 27 राज्य रेप के मामलों में उत्तर प्रदेश से आगे हैं। 21 राज्य मर्डर के केस में उत्तर प्रदेश से आगे हैं। वहीँ किडनैपिंग जैसे मामलों में उत्तर प्रदेश 20वें और चोरी जैसे मामलों में 19वे स्थान पर आता है।

ऊपर दिए गए आंकड़ो के हिसाब से देखें तो पिछले कुछ सालों में मर्डर जैसे अपराध उत्तर प्रदेश में बड़े नहीं है। 2012 से लेकर अब तक उत्तर प्रदेश मर्डर केस 36 राज्यो और यूनियन टेरिटरी मिला कर 22वे स्थान पर ही हैं। हलाकि 2014 में मर्डर रेट बढ़ने के कारण उत्तर प्रदेश 19वें स्थान पर आ गया था, पर अब फिर से वह 22 वें स्थान पर ही है। इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि उत्तर प्रदेश की सराहना की जानी चाहिए, पर केवल यह मतलब है कि प्रधानमंत्री को भाषण देते हुए अपनी गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और गलत सूचना चुनावी भाषणों में नहीं देनी चाहिए। जब प्रधानमंत्री बोलते हैं तो पूरा देश सुनता है, इसीलिए ऐसे पद पर होते हुए इस तरह कि राजनीती एक प्रधानमंती को शोभा नहीं देती।

 

  1. भाजपा शाषित राज्यों की स्तिथि उत्तर प्रदेश से कहीं ज़्यादा ख़राब है: अगर हम भाजपा शाषित राज्यों पर नज़रडालें तो स्तिथि और ज़्यादा ख़राब है। केंद्र सर्कार के अपने ही दिए आंकड़ो के हिसाब से भाजपा शाषित 13 राज्यों में से6 राज्यों का मर्डर रेट काफी ज़्यादा है। 12 राज्यों का बलात्कार रेट ज़्यादा है और 9 राज्यों का अपहरण करने का रेटकाफी ज़्यादा है। इन 13 राज्यों में जहाँ भाजपा की सर्कार है (2015 के आंकड़ो के हिसाब से), इनकी तुलना हम उत्तरप्रदेश से करें तो यह समझ आता है:
  • उत्तर प्रदेश के मुकाबले भाजपा शाषित झारखण्ड, हरयाणा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और पंजाबमें मर्डर का रेट ज़्यादा है।
  • उत्तर प्रदेश के मुकाबले भाजपा शाषित दिल्ली, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गोवा, हरयाणा, महाराष्ट्र, झारखण्ड, पंजाब, जम्मू कश्मीर, आंध्रप्रदेश और नागालैंड में ज़्यादा बलात्कार का रेट है। दिल्ली में यह रेप रेट उत्तर प्रदेश के मुकाबले 7.5 गुना ज़्यादा है। हम दिल्ली को भाजपा शाषित राज्यों में इसीलिए मान रहे हैं क्योंकि दिल्ली की पुलिस केंद्र सर्कार के ग्रह मंत्रालय के अन्तर्ग्रत आती है जो भाजपा की सर्कार द्वारा संचालित है।
  • उत्तर प्रदेश के मुकाबले भाजपा शाषित दिल्ली, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गोवा, हरयाणा, महाराष्ट्र, पंजाब और जम्मू कश्मीर में ज़्यादा अपहरण का रेट है।
  • उत्तर प्रदेश के मुकाबले भाजपा शाषित गोवा, हरयाणा, महाराष्ट्र, झारखण्ड, जम्मू कश्मीर, में ज़्यादा दंगो का रेट है।
  • उत्तर प्रदेश के मुकाबले भाजपा शाषित दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गोवा, हरयाणा, महाराष्ट्र, झारखण्ड और आंध्रप्रदेश में ज़्यादा चोरी का रेट है।

इस लेख का उद्देश्य केवल यह है कि जनता चुनाव के दौरान वोट डालने से पहले एक बार सरकारी आंकड़ों की और एकनज़र ज़रूर डाले और यह खुद से फैसला करे कि वह कौन नेता है जो चुनावी भाषणों में जनता को झूठ बोल रहा है।जनता के सामने पूरी तस्वीर ज़रूर राखी जानी चाहिए, खासकर तब, जब चुनाव का माहौल हो और हर दिन नेता कईंभाषण दे रहे हों।

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