जान लीजिए 1 अप्रेल से कौन सा बैंक, किस सेवा के लिए आपसे कितना वसूलेगा चार्ज

जान लीजिए 1 अप्रेल से कौन सा बैंक, किस सेवा के लिए आपसे कितना वसूलेगा चार्ज

बैंकों द्वारा एक निश्चित संख्या के बाद नकद लेन-देन पर शुल्क लगा दिया गया है। फिलहाल एचडीएफसी, आईसीआईसी बैंक और एक्सिस बैंक समेत कुछ बैंक महीने में चार बार के मुफ्त लेनदेन के बाद पैसा जमा करने या निकालने पर कम से कम 150 रुपये तक का शुल्क वसूलते हैं। वहीं जानते हैं इस फैसले से जुड़ी कुछ और महत्वपूर्ण जानकारी।

एसबीआई बैंक- 1 अप्रेल से एसबीआई अपने ग्राहकों को सिर्फ एक महीने में तीन बार ही बैंक खातों में पैसे जमा कराने की मुफ्त सेवा मुहैया कराएगा। इसके बाद नकदी के प्रत्येक लेनदेन पर 50 रुपये का शुल्क और सेवाकर ग्राहकों को देना होगा। वहीं चालू खातों के मामले में यह शुल्क अधिकतम 20,000 रुपये भी हो सकता है। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक ने पांच साल के अंतराल के बाद फिर से खाते में न्यूनतम राशि नहीं होने पर जुर्माना वसूलने का निर्णय भी लिया है। यह जुर्माना भी एक अप्रैल से लागू होगा। वहीं बैंक ने एटीएम सहित अन्य सेवाओं के शुल्क में भी बदलाव किए हैं।

एसबीआई के संशोधित शुल्कों की सूची के अनुसार खातों में मासिक औसत बकाया (एमएबी) रखने में नाकाम रहने पर 100 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और इस पर सेवाकर भी देय होगा। शहरी क्षेत्र के खाताधारकों के खाते में यदि न्यूनतम राशि 5,000 रुपये का 75 प्रतिशत होगी तो 100 रुपये का शुल्क और सेवाकर जुर्माना स्वरूप देना होगा।

यदि यही बकाया न्यूनतम राशि के 50 प्रतिशत अथवा उससे भी कम है तो ऐसी स्थिति में बैंक 50 रुपये और सेवाकर वसूलेगा। मासिक औसत शेष यानी एमएबी शुल्क बैंक शाखा की जगह के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। ग्रामीण शाखाओं के मामले में यह न्यूनतम रह सकता है। स्टेट बैंक ग्राहकों द्वारा इसी प्रकार एक माह में अन्य बैंक के एटीएम से तीन बार से ज्यादा निकासी पर 20 रुपये का शुल्क देय होगा और एसबीआई के एटीएम से पांच से ज्यादा आहरण करने पर हर बार 10 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।

हालांकि, एसबीआई खुद के एटीएम से तब कोई शुल्क नहीं लगाएगी जबकि संबंधित व्यक्ति के खाते में 25,000 रुपये से अधिक बकाया रहता है। वहीं खाते में एक लाख रुपये से अधिक बकाया रहने पर स्टेट बैंक ग्राहक यदि दूसरे बैंकों के एटीएम से कितनी भी बार निकासी करता है तो कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा। डेबिट कार्डधारकों से एसएमएस अलर्ट भेजने के लिए एसबीआई हर तिमाही 15 रुपये का शुल्क लेगा जो त्रैमासिक आधार पर औसत 25,000 रुपये की बकाया राशि खाते में रखते हैं। बैंक यूपीआई के माध्यम से 1,000 रुपये तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लेगा।

आईसीआईसीआई- होम ब्रांच पर महीने में 4 लेनदेन (पैसे जमा करना-निकलना) मुफ्त होंगी। इस सीमा के बाद 5 रुपये प्रति 1000 रुपये के हिसाब से चार्ज किया जाएगा। वहीं थर्ड पार्टी लिमिट 50 हजार रुपये पर डे की होगी। नॉन-होम ब्रांच से पैसा सिर्फ एक बार निकाला जा सकेगा। इसके बाद 1000 रुपये पर 5 रुपये के हिसाब से चार्ज वसूला जाएगा। वहीं नॉन होम ब्रांच पर भी प्रति 1000 रुपये पर 5 रुपये के हिसाब से चार्ज वसूला जाएगा। वहीं मशीन के जरिए भी कैश जमा कराना सिर्फ एक बार फ्री होगा।

एचडीएफसी बैंक- महीने में 4 बार ही मुफत लेनदेन (पैसे जमा करना-निकलना) की सुविधा होगी। नए चार्च सैलरी और सेविंग्स दोनों खातों पर लगेंगे। होम ब्रांच पर एक दिन में 2 लाख रुपये तक जमा करने-निकलने पर कोई चार्ज नहीं होग। इस सीमा को पार करने के बाद प्रति 1000 रुपये पर 5 या फिर 150 रुपये के हिसाब से चार्ज लगेगा। वहीं नॉन होम ब्रांच के लिए यह चार्ज 25,000 की लिमिट पर होगा।

ऐक्सिस बैंक- बैंक महीने में सिर्फ पांच बार ही मुफ्त लेनदेन की सुविधा देगा जिसमें खाते में पैसे जमा करना और निकलना शामिल किया गया है। इस सीमा को पार करने पर प्रति लेनदेन पर 95 फीसद का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं दूसरी ब्रांच के जरिए लेनदेन की सीम 5 बार के लिए तय की गई है। इसके अलावा छठी बार 50, 000 से ज्यादा के जमा पर बैंक 2.50 रुपये प्रति 1,000 रुपये या फिर 95 फीसद के हिसाब से चार्ज करेगा।

Courtesy:Jansatta 

 

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