सैकड़ों की जान लेने वाली नोटबंदी से पेटीएम का मालिक बन गया अरबपति

नई दिल्ली। पिछले साल 8 नवंबर की रात पीएम मोदी ने कालाधन और भ्रष्टाचार की बात कर 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने की घोषणा कर दी थी। जिसके बाद देश में आर्थिक भूचाल आ गया था। पैसे की किल्लत की वजह से देश से सैकड़ों गरीबों की जान चली गई थी। लेकिन नोटबंदी का सबसे बड़ा फायदा पेटीएम को हुआ है। पेटीएम ने नोटबंदी के दौरान इतनी ग्रोथ कर ली है कि उनके मालिक भी अरबपति हो गए हैं।

नोटबंदी से सबसे अधिक फायदा मोबाइल वॉलेट कंपनी पेटीएम को हुआ है। इस बार की हुरून की अमीरों की लिस्ट में पेटीएम के मालिक विजय शेखर ने भी अपना स्थान बना लिया है। इनके अलावा इस लिस्ट में एक और नया नाम जुड़ा है जो दिव्यांक तुराखिया हैं। दिव्यांक 1.2 अरब डॉलर के साथ भारत के अरबपतियों में से एक बन गए हैं, जो सबसे कम उम्र के अरबपतियों में से एक हैं।

हाल ही में आई ‘हुरून ग्लोबल रिच लिस्ट इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मालिक मुकेश अंबानी अभी भी देश के सबसे अमीर शख्स हैं। हुरून के अनुसार मुकेश अंबानी के पास 1,75,400 करोड़ रुपए की संपत्ति है। जहां देश के अरबपतियों में मुकेश अंबानी पहले नंबर हैं, वहीं दूसरी ओर दुनियाभर में उनका 28वां नंबर है।

हुरून की भारतीय अरबपतियों की इस लिस्ट में कुल 132 लोग शामिल हैं। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर 1,01,000 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ एस पी हिंदुजा एंड फैमिली हैं, जबकि 99,000 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ दिलीप शांघवी इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। वहीं पलोंजी मिस्त्री चौथे नंबर पर हैं, जिनकी कुल संपत्ति 82,700 करोड़ रुपए है। इस लिस्ट में पांचवां स्थान 81,200 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ दुनिया के सबसे बड़ी स्टील निर्माता लक्ष्मी एन मित्तल का है।

एक रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी की वजह से भारत ने इस बार 11 अरबपति खो दिए हैं। नोटबंदी से काफी लोगों को नुकसान भी हुए हैं, जिसकी वजह से भी अमीरों की लिस्ट पहले से छोटी हुई है। ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के सचिन बंसल और बिन्नी बंसल पर भी नोटबंदी की मार पड़ी है, जिसकी वह से वह दोनों अमीरों की लिस्ट से बाहर हो गए हैं।

Courtesy: nationaldastak.

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