आतंकी के पिता बोले, दोषी है तो घर न लौटे फखरे आलम

आतंकी के पिता बोले, दोषी है तो घर न लौटे फखरे आलम

इटावा लखना कस्बे के महेश्वरी मुहाल से आतंकी घटनाओं में लिप्त होने के आरोप में पकड़े गये फखरे आलम के पिता बाबू खां ने भी मारे गए आतंकी सैफुल्लाह के पिता सरताज की तरह आतंकवाद का पुरजोर विरोध जताया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि यदि उनके बेटे पर राष्ट्रद्रोह की किसी भी गतिविधि में शामिल होने का आरोप सिद्ध होता है तो वह न कभी उससे मुलाकात करने जाएंगे और न ही फखरे वापस कभी घर लौटे।
फखरे आलम के वृद्ध पिता इस बात से व्यथित हैं कि उनका बेटा आतंकवादी गतिविधियों के आरोप में पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि उनका बड़ा पुत्र फैज आलम भी पकड़ा गया था लेकिन वह निर्दोष निकला। छोटे बेटे फखरे की भी जांच चल रही है। जांच में यदि वह दोषी निकलता है तो वह उसकी किसी प्रकार की पैरवी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह मुसलमान होने के साथ-साथ हिंदुस्तानी भी हैं। देश की संस्कृति के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति भी उनके परिवार के रग रग में बसी है। उनका पूरा परिवार सभी धर्मों का आदर करता है और मुस्लिम पर्वों के साथ-साथ हिंदू पर्व भी धूमधाम से मनाते हैं। फखरे की मां आमना बेगम अपनी पुत्री की २६ मार्च को होने वाली शादी को लेकर चिंतित हैं। हालांकि इस घटना के बाद से उनका ससुरालीजनों से कोई संपर्क नहीं हुआ है।

बाबू खां ने हनुमान मंदिर में मत्था टेका
फखरे आलम की गिरफ्तारी से उसका परिवार अफसोस तो जाहिर कर ही रहा है साथ-साथ रोते हुए फखरे के बूढ़े मां बाप के चेहरे पर प्रसन्नता की एक झलक यह भी है कि एटीएस ने फखरे के बड़े भाई फैज आलम को निर्दोष करार देकर छोड़ दिया है। इस खुशी में पिता बाबू खां ने हनुमान मंदिर पहुंच कर माथा टेका और दूसरे पुत्र फखरे के भी निर्दोष होने के लिए मन्नत मांगी। बाबू खां मुसलमान होने के बावजूद हनुमान जी के परम भक्त हैं।

Courtesy: Jagran.com

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