कहाँ गया मोदी जी का 1.25 लाख करोड़ वाला बिहार पैकेज?

कहाँ गया मोदी जी का 1.25 लाख करोड़ वाला बिहार पैकेज?

 

प्रधानमंत्री मोदी अपने भाषणों के लिए जाने जाते हैं। मोदी उन राजनीतिक हस्तियों में से हैं जिनका भाषण देने का तरीका लोगों को बहुत दिचस्पलगता है। जब मोदी भाषण देते हैं तो काफी लोग उन्हें सुनते हैं। पर लोकतंत्र में क्या कभी नेता को केवल भाषण देने की क़ाबलियत पर चुना जानाचाहिए? नेता का भाषण देने का अंदाज़ से ज़्यादा महत्वपूर्ण उस भाषण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री होती है। एक नागरिक का फ़र्ज़ है कि वहसमझे कि कौन नेता कौन से विचारों को इस्तेमाल करता है अपने भाषण में।

 

केवल विचार ही नहीं, यह भी देखना ज़रूरी है कि कौन नेता चुनाव में कौन से  वादे करके जा रहा है। 2017 का उत्तर प्रदेश चुनाव खत्म हो गया है और कुछ ही दिनों में नतीजे भी सबके सामने होंगे , पर नरेंद्र मोदी जो प्रधानमंत्री होकर भी हर विधान सभा चुनाव में CM कैंडिडेट की तरह कैम्पैन करते हैं वह अभी तक बिहार में किये अपने 2015 के वादे का हिसाब नहीं दे पाए। 2015  बिहार विधान सभा की एक चुनावी रैली के दौरान मोदी ने प्रधानमंत्री की हैसियत से बिहार के विकास के लिए 1.25 लाख करोड़ का पैकेज घोषित कर दिया था। यह पैकेज बहुत ही नाटकीय तरह से घोषित किया गया था और काफी चर्चा में भी रहा था।  इस पर कई बड़े नेताओं का बयां भी आया और लालू प्रसाद यादव ने अपने ही अंदाज़ में टिपण्णी भी की।

पर आज 18 महीने के बाद भी बिहार प्रधानमंत्री के किये वादे के पूरा होने का इंतज़ार कर रहा है। हालहीं में मुम्बई के एक RTI याचिकाकर्ता ने इसके बारे में RTI के तहत फाइनांस मिनिस्ट्री से जवाब माँगा था। वित् मंत्रालय ने सीधे तौर पर इसका जवाब नहीं दिया और केवल यह जवाब दिया कि सभी काम अपने समय पर पूरे किये जाएंगे। याचिकर्ता ने इस जवाब को शर्मनाक बताया है। हम आपको यह भी बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जम्मू और कश्मीर 80,068 करोड़ के ऐलान किये पैकेज का भी यही हाल है।

Categories: Opinion