सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय खुद लेने वाली मोदी सरकार नहीं रोक पा रही जवानों की आत्महत्या दर

सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय खुद लेने वाली मोदी सरकार नहीं रोक पा रही जवानों की आत्महत्या दर

नई दिल्ली। पिछले साल सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक का श्रेय लेने में भले ही पूरी केंद्र सरकार जुट गई थी लेकिन जवानों की समस्याएं सुलझाने में नाकाम रही है। इसका खुलासा जवानों की आत्महत्या की दर करती है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार हर साल 100 से ज्यादा जवान आत्महत्या करते हैं। साल 2016 में विभिन्न परिस्थितियों में 125 जवानों ने मौत को गले लगाया।

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा, 101 सैनिक, 19 एयरमैन और 5 नाविकों ने पिछले साल खुदकुशी कर ली। इसके अलावा साथी जवानों की हत्याओं के भी 3 गंभीर मामले सामने आए। 2017 में 13 आर्मी जवान खुदकुशी कर चुके हैं। इसी तरह वायुसेना से भी 2 ऐसे मामले सामने आए हैं। राहत यह है कि नौसेना में अभी ऐसी घटना नहीं हुई है। सेना में पिछले साल जो घटनाएं हुईं उनमें जवानों द्वारा दूसरे जवानों या अपने अफसरों पर हमले की हुई थी। वायुसेना में भी ऐसी घटनाएं हुई है। हालांकि नौसेना में पिछले तीन सालों के दौरान ऐसी कोई घटना नहीं हुई।

दुर्गम इलाकों में देश की सेवा के लिए तैनात सैनिक डिप्रेशन के चलते आत्महत्या कर रहे हैं। भामरे ने बताया, ‘सरकार ने दिक्कतों को दूर करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इनमें गुजर-बसर की स्थिति, बेहतर रहन-सहन और परिजनों को भी सेवाओं का लाभ शामिल है।’ बताया गया कि तनाव मिटाने के लिए योग व मेडिटेशन कार्यक्रमों की भी शुरुआत की गई है।

वह कहते हैं, ‘बड़ी संख्या में अफसरों को जवानों व उनके परिजनों की काउंसलिंग के लिए लगाया जाता है। इस के साथ-साथ बाहर के मनोवैज्ञानिकों की भी इस मुहिम में मदद ली जा रही है।’ एक अफसर ने बताया कि आजकल के दौर में जवानों का घर से मोबाइल फोन के जरिए सीधे जुड़े रहना, उनके भीतर कई बार तनाव पैदा कर देता है।

आपको बता दें कि 23 अगस्त 2016 को इंडिया गेट के पास जनपथ स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में तैनात सीआईएसएफ के जवान 30 साल के मुन्ना कुमार राय ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। डिप्रेशन की वजह से उसका इलाज एक अस्पताल में चल रहा था। इस आधार पर यह आशंका जताई गई थी कि उसने बीमारी से परेशान होकर खुदकुशी की है। पुलिस के मुताबिक मुन्ना सीआरपीएफ बल में धोबी का काम करता था। सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवान ने उसे पहली मंजिल पर मृत लटके पाया देखा था।

 

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