आईएएस अधिकारियों की कमी खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है : रिपोर्ट

आईएएस अधिकारियों की कमी खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है : रिपोर्ट

एक संसदीय समिति की इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आईएएस अधिकारियों की इस किल्लत से से केंद्र और राज्य सरकारों के काम पर बुरा असर पड़ रहा है

देश की नौकरशाही बड़े पैमाने पर अधिकारियों की किल्लत का सामना कर रही है. इसको लेकर कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय मामलों की संसदीय समिति ने चिंता जताई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एक जनवरी 2016 तक आईएएस के खाली पदों की संख्या 1,470 पहुंच गई थी. यह आंकड़ा कुल पदों का 23 फीसदी है. देश में आईएएस के घोषित पदों की संख्या 6,396 है.

संसदीय समिति के मुताबिक आईएएस अधिकारियों की कमी 1951 से बनी हुई है, लेकिन अब यह चिंताजनक स्तर तक बढ़ चुकी है. समिति ने यह भी कहा है कि इससे राज्य और केंद्र सरकार के प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक कार्मिक और प्रशिक्षण सचिव ने संसदीय समिति को बताया कि आईएएस के 1,470 रिक्त पदों में से 900 को सीधी भर्ती से जबकि बाकी को पदोन्नति से भरा जाना है. रिक्तियों में बढ़ोतरी को लेकर उन्होंने कहा कि इसके दो कारण हैं, एक- कॉडर की समीक्षा के बाद घोषित पद बढ़े हैं, दूसरा – बीते दस वर्षों में कम भर्तियां हुई हैं. सचिव का यह भी कहना था कि सीधी भर्ती को अचानक नहीं बढ़ाया जा सकता क्योंकि एक बार में केवल 180 आईएएस अधिकारियों को ही प्रशिक्षण देने की क्षमता है.

हालांकि, संसदीय समिति ने प्रशिक्षण क्षमता को लेकर सरकार के इस दावे पर सवाल उठाया है. अपनी रिपोर्ट में उसने कहा है, ‘यह समझ से परे है कि सरकार प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाने के बजाय इसे खाली पदों को बढ़ने की एक वजह के रूप में क्यों पेश कर रही है.’ समिति ने सरकार से रिक्त पदों को भरने के प्रयास तेज करने की सिफारिश की है.

Courtesy: Satyagrah

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