मायावती का बीजेपी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, पढ़िए मोदी को क्या कहा?

मायावती का बीजेपी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, पढ़िए मोदी को क्या कहा?

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने मान्यवर कांशीराम के जन्मदिन पर बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मान्यवर ने दलितों औऱ आदिवासियों, पिछड़ों के लिए अपना जीवन दिया उनके हितों को लेकर लड़ाई लड़ी। मान्यवर का कहना था कि केंद्र औऱ राज्यों में सत्ता की चाबी पिछड़े वर्गों के हाथों में होनी चाहिए।

मायावती ने कहा कि मोदी की जीत ईमानदारी की जीत नहीं हैं। 2019 में मोदी केंद्र में वापस आने के सपने देख रहे हैं। मोदी की कंपनी के लोग बनावटी हंसी हंस रहे हैं। ये 2019 तक आऱक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं करेंगे लेकिन इसके बाद अपने आरएसएस के एंजेंडे पर चलकर आरक्षण प्रभावहीन बना देंगे या आरक्षण खत्म कर देंगे। बीजेपी के चाल-चरित्र औऱ नीयत से आरक्षण को खतरा।

मायावती ने कहा कि ये जातिवादी लोग किस्म-किस्म के हथकंडे इस्तेमाल करके आपको नीचे दिखते रहेंगे।

भाजपा की घोटाले वाली जीत देश की जनता के गले से आसानी से गले नहीं उतर पा रही है। भाजपा के नेताओं पर हार वाले राज्यों में धांधली के बारे में सफाई देने पर मायावती ने कहा कि अगर ये यहां भी ऐसा करते तो इनको जवाब देना भारी पड़ जाता। इन्होंने घोटाले, धांधलेबाजी और बेईमानी की पूरी ताकत यूपी में झोंक दी। अगर ये मणिपुर गोवा और पंजाब में ऐसा करते तो पकड़े जाते।

अगर मीडिया वाले आप लोग भी ईमानदार हैं तो आपके भी गले से ये बात नहीं उतरने वाली। पत्रकारों से उन्होंने कहा कि आपकी तो मजबूरी है लेकिन आपके चैनल मालिक बीजेपी एंड कंपनी से मिले हुए हैं। इस मामले में हमारी पार्टी के लोग बार-बार एक ही बात कह रहे हैं कि हमने अपनी पार्टी को वोट डाला है लेकिन वोटिंग मशीन से बीजेपी का वोट निकल रहा है। पूरा उत्तर प्रदेश इसके बारे में सोच रहा है।

इतना ही नहीं इस बार मुस्लिम और दलितों के इलाके में भी बीजेपी का ही वोट निकल रहा है। ये तीन तलाक के मुद्दे पर मुस्लिम महिलाओं का वोट लेने की बात कह रहे हैं। अगर ये मुस्लिम औरतों के इतने शुभचिंतक थे तो 20-25 वोट मुस्लिम औरतों को ही देकर देखते।

मायावती ने कहा कि ये मीडिया और दूसरी पार्टी के मैनेज किए लोगों को मीडिया में बिठा लेते हैं। अगर आपकी जीत ईमानदारी से हुई है तो आपको मीडिया में टेबल डिस्कशन कराकर अपनी सफाई देने की क्या जरूरत पड़ी है।

Courtesy: .nationaldastak.

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