फ्री ऑफर पर फंस सकता है रिलायंस जियो, ‘हैपी न्यू इयर’ पर ट्राइब्यूनल की टेढ़ी नजर

फ्री ऑफर पर फंस सकता है रिलायंस जियो, ‘हैपी न्यू इयर’ पर ट्राइब्यूनल की टेढ़ी नजर
नई दिल्ली
अपने ग्राहकों को फ्री मोबाइल सर्विस दिए जाने के मामले में रिलायंस जियो मुसीबत में दिख रहा है क्योंकि टेलिकॉम ट्राइब्यूनल नहीं चाहता है कि जियो का \’हैपी न्यू इयर\’ ऑफर्स जारी रहे। इससे पहले टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने जियो की मुफ्त पेशकश आगे भी जारी रखने को हरी झंडी दी थी। अब दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (टीडीसैट) ने ट्राई से जियो को मुफ्त सेवाएं जारी रखने की अनुमति देने वाला 31 जनवरी का पत्र फिर से जांचकर दो हफ्तों में जवाब देने को कहा।

आज के आदेश में टीडीसैट ने ट्राइ से कहा कि वह दो हफ्तों के अंदर ‘परिणाम और जांच के निष्कर्ष’ से अवगत कराए। पिछले सप्ताह टीडीसैट ने जियो के मुफ्त ऑफर पर रोक लगाने पर रोक लगाने की अंतरिम अपील पर ट्राई, भारती एयरटेल, आइडिया सेल्युलर, रिलायंस जियो समेत सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल ने इस अपील में जियो को मुफ्त सेवाएं देने जारी रखने की ट्राई की अनुमति पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। एयरटेल ने ट्राइब्यूनल से यह निर्देश भी देने की मांग की कि वह ट्राई को उसके फैसलों के सभी रिकॉर्ड्स सौंपे। अपील में जियो को अपने ग्राहकों को जीरो टैरिफ प्लान और प्रमोशनल प्लांस देने से रोकने की भी मांग की गई है।

गौरतलब है कि जियो ने पिछले साल सितंबर महीने में अपनी औपचारिक लॉन्चिंग की और दिसंबर में उसने अपने मुफ्त ऑफर्स को 31 मार्च 2017 तक बढ़ाने की घोषणा कर दी। जियो के इस ऐलान के बाद एयरटेल और आइडिया ने जियो को फ्री ऑफर 90 दिनों के बाद भी जारी रखने की अनुमति देने के लिए ट्राई के खिलाफ टेलिकॉम ट्राइब्यूनल का रुख किया। दोनों कंपनियों ने ट्राई की यह कहकर आलोचना की कि जियो नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है और वह (ट्राई) मूकदर्शक बना है। 31 जनवरी को ट्राई ने कहा था कि जियो का फ्री वॉइस कॉलिंग और डेटा प्लान नियमकीय निर्देशों के खिलाफ नहीं है।

ट्राई ने कहा था कि जांच में जियो की ओर से 4 दिसंबर, 2016 को लॉन्च ‘हैपी न्यू इयर ऑफर’ इसके पहले वाले ‘वेलकम ऑफर’ से अलग है। इसलिए, हैपी न्यू इयर ऑफर को वेलकम ऑफर का विस्तार नहीं माना जा सकता क्योंकि दोनों के बेनिफिट में अंतर है। हाल ही में जियो ने ऐलान किया कि वह अपनी मोबाइल सर्विसेज के लिए 1 अप्रैल, 2017 से पेमेंट लेने लगेगा।

Courtesy: NBT
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