यूपी में बीजेपी की जीत के साथ ही आरक्षण खत्म करने की मांग शुरु

यूपी में बीजेपी की जीत के साथ ही आरक्षण खत्म करने की मांग शुरु

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में बीजेपी को बहुमत मिलने के बाद प्रदेश का साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ता जा रहा है। प्रदेश में अल्पसंख्यकों व दलितों आदि को निशाना बनाया जा रहा है। पहले यूपी के बरेली में मुसलमानों को गांव छोड़ने की धमकी देते हुए पोस्टर लगाए गए और अब इलाहाबाद में आरक्षण विरोधी पोस्टर लगे है। यह पोस्टर अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने लगाए है।

अपने पोस्टर के जरिए ब्राह्मणवादी संस्था ने मांग की है कि केन्द्र व प्रदेश(बनने वाली) की बीजेपी सरकार उनकी निम्न मांग को पूरे करे-

 

आरक्षण समाप्त हो।

 

सवर्ण आयोग का गठन हो।

 

आस्था के प्रतीकों का सम्मान हो।

 

धार्मिक क्रिया-कलापों पर समान नीति हो।

 

जातिगत अधिनियम(हरिजन एक्ट) समाप्त हो।

 
इस ब्राह्मणवादी संस्था के भड़काऊ पोस्टर के बाद सोशल मीडिया पर आरक्षण समर्थकों ने जमकर निशाना साधा। सोशल मीडिया पर डी के अम्बेडकर नामक यूजर ने अपनी मांगों की एक सूची जारी की है-

 

धर्म के नाम पर अंध्वविश्वास पाखण्ड फैलाने वालों के खिलाफ विशेष कानून बनाया जाए।

 

सदियों से ब्राह्मण जिस आरक्षण को अपना धर्म कहता आ रहा है वह खत्म हो, साथ ही शंकराचार्य की कुर्सी से एक जाति विशेष का अधिकार समाप्त हो।

 

जातिवाद एवं जाति खत्म की जाए ताकि जिन लोगों का भ्रम है कि मुख से पैदा होने वाले जन्म से श्रेष्ठ होते है उनका भ्रम दूर हो।

 

देश में जितने भी मंदिर रजिस्ट्रर्ड या गैर रजिस्टर्ड है सभी को सरकार अपने दायरे में ले, यहां आने वाली दान दक्षिणा पर सरकारी हक होना चाहिए।

 

देश के विख्यात मंदिरों में केवल ब्राह्मण जात का आरक्षण है ब्राह्मण ही केवल पूजा-पाठ, अर्चना, दान पात्र आदि पर नियंत्रण रखता है तो इस आरक्षण को समाप्त कर सभी जाति(एससी, एसटी, ओबीसी) के भी पंडितों को नियुक्त किया जाना चाहिए सभी के लिए समान नीति हो।

Courtesy: nationaldastak

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