2007 अजमेर ब्लास्ट में सजा का ऐलान, आरएसएस प्रचारक देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को आजीवन कारावास

2007 अजमेर ब्लास्ट में सजा का ऐलान, आरएसएस प्रचारक देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को आजीवन कारावास

अजमेर ब्लास्ट मामले में फैसला आ गया है। बुधवार (22 मार्च) को इसमें देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को आजीवन कारावास की सजा मिली है। 2007 में अजमेर दरगाह पर विस्फोट में दोषी ठहराए गए देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को आजीवन क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने (एनआईए) के विशेष कोर्ट ने जयपुर में बुधवार को यह सज़ा सुनाई. 2007 के इस विस्फोट में तीन लोग मारे गए थे और 17 लोग घायल हुए थे. यह विस्फोट साल 2007 में 11 अक्टूबर को रमज़ान के महीने में हुआ था.
6 मार्च को इस मामले कोर्ट ने तीन लोगों को दोषी ठहराया था. ये तीन हैं- देवेंद्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी. देवेंद्र गुप्ता और सुनील जोशी आरएसएस के पूर्व कार्यकर्ता रहे हैं.

यह ब्लास्ट अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह पर हुआ था। यह हमला 11 अक्टूबर 2007 को हुआ था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी। वहीं 17 लोग जख्मी हुए थे। 2011 में केस को NIA को सौंप दिया गया था। उससे पहले 2007 तक सिर्फ दो FIR रजिस्टर की गई थी। असीमानंद के अलावा इस केस में देवेंद्र गुप्ता, चंद्रशेखर लेवी, मुकेश वासनी, भारत मोहन रतेशवर, लोकेश शर्मा और हर्षद सोलंकी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी।

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