जब सचिन के बैट से खेलते हुए शाहिद अफरीदी ने रच दिया था इतिहास, फिर कभी वापस नहीं लौटाया

जब सचिन के बैट से खेलते हुए शाहिद अफरीदी ने रच दिया था इतिहास, फिर कभी वापस नहीं लौटाया

जब भी पाकिस्तान क्रिकेट में बड़े नामों की चर्चा होगी तो शाहिद अफरीदी का नाम प्रमुखता से लिया जाएगा। पाकिस्तान के इस दिग्गज ऑलराउंडर ने इस साल 20 फरवरी को आख़िरकार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। पाकिस्तान के लिए 1996 में केन्या के विरुद्ध डेब्यू करने वाले शाहिद अफरीदी ने कुल 27 टेस्ट, 398 एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय और 98 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया। टेस्ट क्रिकेट से अफरीदी ने 2010 में ही संन्यास ले लिया था। हालांकि, अफरीदी ने संन्यास की घोषणा के साथ ये भी कहा कि वो अगले दो साल तक प्रोफेशनल टी20 लीग में खेलना जारी रखेंगे। वैसे तो शाहिद अफरीदी ने विश्व क्रिकेट को कई यादगार लम्हें दिए हैं, लेकिन एक वाकया ऐसा भी है जिसे शायद बहुत कम लोग जानते होंगे।

यह 4 अक्टूबर, 1996 का दिन था और वनडे क्रिकेट में पाकिस्तान की तरफ से युवा आलराउंडर शाहिद अफरीदी अपने वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का दूसरा मुकाबला खेल रहे थे। शाहिद अफरीदी ने 2 अक्टूबर, 1996 को 16 साल और 215 दिन की उम्र में कीनिया के खिलाफ वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था। इस मैच में उन्हें बैटिंग का मौका तो नहीं मिला, उन्होंने गेंदबाजी में 10 ओवर के अपने कोटे में 32 रन दिए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। श्रीलंका के खिलाफ अफरीदी जब अपना दूसरा मुकाबला खेलने उतरे तो उनके पास अपना किट बैग नहीं था। इसलिए सकलैन मुश्ताक ने उन्हें अपना पैड और हेलमेट दिया और बैट सचिन तेंदुलकर से लेकर दिया था। उस समय किसे पता था कि 16 साल की उम्र में शाहिद अफरीदी सचिन तेंदुलकर के बल्ले से इतिहास बना देंगे।

शाहिद अफरीदी ने बल्लेबाजी शुरू की और 11 छक्कों तथा 6 चौकों की मदद से 37 गेंदों में शतक जड़ विश्व रिकॉर्ड बना दिया। अफरीदी का ये रिकॉर्ड 17 साल तक नहीं टूटा। एक जनवरी 2014 में न्यूज़ीलैंड के कोरी एंडरसन ने 36 गेंदों में शतक बनाया 18 जनवरी, 2015 को दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने जोहांसबर्ग में वेस्टइंडीज के खिलाफ 31 गेंद में शतक जड़ सबसे तेज ओडीआई शतक का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। शाहिद अफरीदी अपनी इस पारी के बारे में याद करते हुए कहते हैं, ‘मैं पाकिस्तान क्रिकेट टीम में आया ही था, नैरोबी में प्रैक्टिस सेशन के दौरान वकार युनिस ने मुझे एक बल्ला दिया और कहा इससे खेलो और देखो क्या होता है, यह सचिन का बैट है।’ उसके बाद अफरीदी ने जो किया वह क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। हालांकि, उन्होंने यह कारनामा सचिन के बैट से किया था यह बहुत कम लोगों को मालूम है।

COurtesy:Jansatta 

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