दालों का बफर स्‍टॉक तैयार करने में पिछड़ी सरकार, हुई महज 50 फीसदी खरीद…

दालों का बफर स्‍टॉक तैयार करने में पिछड़ी सरकार, हुई महज 50 फीसदी खरीद…

नई दिल्‍ली.भविष्‍य में दालों की कीमतों पर काबू पाने के लिए बनाए जा रहे बफर स्‍टॉक के पूरा करने में पिछड़ी हुई दिख रही है। इस साल 20 लाख टन दालों का बफर स्‍टॉक तैयार किया जाना है जबकि, इसके लिए केवल 50 फीसदी ही खरीददारी की गई है। सरकार की इस धीमी खरीद प्रक्रिया का ही नतीजा है कि पिछले दिनों किसान एमएसपी से बेहद कम पर दाल बेचने को मजबूर हुए। ऐसे में अब सरकार इसे पूरा करने को क्‍या रणनीति अपनाती है यह बड़ी बात होगी।

 

नीति आयोग ने की थी सिफारिश

पिछले साल दालों कीमतें अचानक आसमान छूने लगी थीं। इसके लिए सरकार ने व्‍यापारियों पर स्‍टॉक सीमा भी लगाई और इंपोर्ट की दालों के सहारे प्राइस कम करने के प्रयास किए। ऐसे में नीति आयोग ने शुरूआत में 10 लाख टन बफर स्‍टॉक  तैयार करने की सिफारिश की थी लेकिन, कुछ दिन बाद इसे बढ़ाकर 20 लाख टन कर दिया गया। इसमें 10 लाख टन घरेलू खरीद से और 10 लाख टन इंपोर्ट की दालें शामिल होंगी। इन्‍हें राज्‍यों की मांग पर ही बाजार में उपलब्‍ध कराया जाना है।

 

50 फीसदी ही पूरा हुआ स्‍टॉक

सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो कुल लक्ष्‍य का केवल 50 फीसदी ही सरकार हासिल कर पाई है। अब तक बफर स्‍टॉक में 10.1 लाख टन दाल ही जमा हो पाई है। इसमें से 5.64 लाख टन घरेलू खरीद और बाकी इंपोर्ट की दालें शामिल हैं। बता दें कि अभी खरीफ की तुअर और मसूर की खरीद चल रही है जो कि 15 अप्रैल तक जारी रहेगी। जबकि, रबी सीजन की दालों की खरीद भी शुरू हो चुकी है। यह जुलाई तक खरीदी जानी हैं।

 

ये है बफर स्‍टॉक की स्थिति

 

दाल घरेलू खरीद आयात अनुबंध आयात पहुंच  कुल  

जारी

स्‍टॉक में बची
             
तुअर 200481.51 158500 137279.50 358981.51 20972.16 316788.85
उड़द 89045.93 52500 37487.00 141545.93 5950.00 120582.93
चना 60493.33 80000 21548.68 140493.33 50276.96 31765.05
मूंग 206384.93     206384.93 0.00 206384.93
मसूर 8555.76 145000 92422.05 153555.76 0.00 100977.81
कुल 564961.46 436000.00 288737.23 100961.46 77199.12 776499.5

 

2.2 करोड़ उत्‍पादन की उम्‍मीद

इस साल सरकार ने खरीफ और रबी दोनों सीजन की दलहन का एमएसपी में अच्‍छी-खासी बढ़ोतरी की थी। इसके बाद पिछले दो सालों से चला आ रहा सूखे का संकट भी देश से खत्‍म हो गया था। ऐसे में किसानों ने दलहन बुआई में रूचि दिखाई और रिकार्ड स्‍तर पर बुआई की। इसके भरोसे ही सरकार इस साल दोनो सीजन की मिलाकर 2.2 करोड़ टन दलहन उत्‍पादन मानकर चल रही है। जबकि, इससे पहले साल यह केवल 1.67 करोड़ टन के आसपास ही रह गया था।

 

एमएसपी से नीचे बेचने को मजबूर हुए किसान

इस साल शुरुआत से ही किसानों को फजीहत का सामना करना पड़ा। शरुआत मूंग की बिक्री से हुई। 5225 रुपए प्रति क्विंटल होने के बावजूद किसानों ने इसे 3500 से 4000 रुपए प्रतिक्विंटल पर बेचा। ऐसे में कुछ जगहों पर किसानों ने आंदोलन भी किया। बावजूद इसके सरकार ने अपनी खरीद प्रक्रिया में तेजी नहीं की। मौजूदा समय में भी यही हाल रहे तो निकट भविष्‍य में होने वाली मूल्‍य वृद्धि से नहीं निपटा जा सकता है।

Courtesy: Bhaskar

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