आगरा में लुटेरों ने कहा, ‘पाकिस्तान से आए हैं शोर मचाया तो मार देंगे’

आगरा में लुटेरों ने कहा, ‘पाकिस्तान से आए हैं शोर मचाया तो मार देंगे’

आगरा ‘हम पाकिस्तान से आए हैं, शोर मचाया तो गोली मार देंगे।’ हाथों में तमंचे और चाकू, लुटेरे जुबां से पल-पल हत्या की धमकी दे रहे थे। निर्यातक सत्येंद्र और उनकी पत्नी मंजुला तो इतनी दहशत में आ गए कि बदमाशों के जाने के कुछ देर तक तो शोर मचाने की हिम्मत नहीं हुई। बाद में मंजुला ने खुद को किसी तरह से बंधनमुक्त कर पति के हाथ-पैर खोले और फिर कमरे के बाहर आकर लूट का शोर मचाया।

निर्यातक सत्येंद्र शर्मा की पत्नी मंजुला ने बताया कि लूटपाट के दौरान 25-30 वर्ष की उम्र के बदमाश एक ही बात कह रहा था कि अगर सहयोग करोगे, तो वह कुछ नहीं करेंगे। वो अकेले नहीं हैं, उनके कुछ साथी बाहर भी खड़े हैं। उनको बड़ी रकम मिलने की उम्मीद थी। करीब डेढ़ घंटे तक कोठी खंगालने के बाद जब कुछ हजार रुपये ही मिले तो वो हत्या की धमकी देते हुए उनके पति को कमरे से बाहर ले जाने लगे। मंजुला ने टोका तो एक बदमाश ने उनके चेहरे पर चार-पांच मुक्के जड़ दिए।

सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि बदमाशों ने मुंह में कपड़ा ठूंस हाथ-पैर बांध पहले बाथरूम में बंद किया। फिर उन्हें बराबर वाले कमरे में फर्श पर पटक दिया। एक साथी के कहने पर उन्हें बेड पर डाल कमरे को बाहर से बंद कर दिया। उधर, दूसरे कमरे में बदमाश मंजुला पर रकम बताने का दबाव बनाते रहे। उन्होंने किसी तरह बदमाशों को यकीन दिलाया कि वह कैश घर में नहीं बल्कि बैंक में रखते हैं।

इसके बाद बदमाश वहां से गए।बदमाशों की दहशत इस कदर हो गई थी कि कल सुबह 4.40 बजे बदमाशों के जाने के बाद मंजुला शर्मा आधा घंटे तक चुपचाप पड़ी रहीं। उनको डर था कि बदमाश लॉबी में मौजूद न हों। मंजुला ने बताया कि वह सूरज के निकलने का इंतजार कर रही थीं। इस दौरान उनको हर सेकेंड सदी के समान लग रहा था।

दो माह पहले हुआ था रंग-रोगन: निर्यातक ने एक महीने पहले बेटे की शादी की है। इससे पहले उन्होंने कोठी में रंग-रोगन कराया था। पुलिस वहां काम करने वाले श्रमिकों के बारे में छानबीन कर रही है। इसके अलावा फेरी वाले, कबाड़ खरीदने वालों की भी पड़ताल की जा रही है। सर्वेट रूम तक पहुंची भनक: कोठी के सर्वेट रूम में संजय और उसकी पत्नी निरंती रहते हैं। निर्यातक के यहां संजय के साढ़ू की बेटी साफ-सफाई करती है और खाना बनाती है। बदमाशों ने कोठी के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए थे जिससे कि बाहर के किसी व्यक्ति को कोठी के अंदर की हलचल पता न चले।

Courtesy: Jagran.com

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