राहुल गांधी दिल्‍ली में किसानों से मिले, बोले- पीएम ने अमीरों के कर्ज माफ कर दिए तो इनके क्‍यों नहीं कर रहे

राहुल गांधी दिल्‍ली में किसानों से मिले, बोले- पीएम ने अमीरों के कर्ज माफ कर दिए तो इनके क्‍यों नहीं कर रहे

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी ने दिल्‍ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे तमिलनाडु के किसानों से मुलाकात की। इस दौरान उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के सबसे अमीर लोगों का कर्ज माफ कर दिया, तो फिर देश को बनाने वाले लोगों, किसानों का कर्ज माफ क्‍यों नहीं कर रहे। राहुल ने कहा, ”इनकी (तमिलनाडु के किसान) आवाज ना हिंदुस्‍तान की सरकार और ना ही पीएम को सुनाई देती है। पीएम की जिम्‍मेदारी है कि इनकी बात सुनें। ये सरकार गरीब और किसान विरोधी है- पिछले 3सालों में इस सरकार ने 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपया हिंदुस्तान के 50 सबसे बड़े उद्योगपतियों का माफ किया तो किसानों की क्या गलती है, इनकी मदद क्यों नहीं हो रही है?”

उन्‍होंने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी हैं, गरीब विरोधी है। प्रधानमंत्री की जिम्‍मेदारी है कि वे इनकी मदद करें। उन्‍होंने किसानों से कहा कि कांग्रेस पार्टी तमिलनाडु और संसद में पूरी मदद करेगी। उनकी आवाज उठाएगी। तमिलनाडु के किसानों की आवाज पीएम को सुननी चाहिए। वे उनकी आवाज ना सुनकर उनका अनादर कर रहे हैं। किसानों की मदद के लिए उपाय निकालना होगा।

किसानों से मिलने के दौरान राहुल गांधी उनके बीच काफी देर तक बैठे रहे। उन्‍होंने किसानों से बात की और उनकी समस्‍याओं के बारे में जानकारी ली। बता दें कि तमिलनाडु के कई किसान पिछले कई दिनों से राहत पैकेज की मांग को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सूखे के चलते फसलें बर्बाद हो गई है। इसलिए राहत प्रदान की जाए। । बताया जा रहा है कि तमिलनाडु के कावेरी बेसिन में जो सूखा पड़ा है वह पिछले 150 सालों में सबसे भयंकर है।

किसान 40 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं। इन किसानों ने प्रदर्शन के दौरान विरोध के लिए अलग तरह के तरीके आजमाए हैं। इनमें सूखे के चलते आत्‍महत्‍या करने वाले किसानों की खोपडि़यां, मरे हुए चूहे भी विरोध स्‍वरूप दिखाए गए हैं। इससे पहले पिछले दिनों इन किसानों के समर्थन में अभिनेता प्रकाश राज भी आए थे। वे उनके साथ धरने पर जंतर मंतर पर बैठे थे।

 Courtesy: jansatta 
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