ऑयल पाइपलाइन में भारत में बना स्टील इस्तेमाल न करें: ट्रम्प से बोले US सीनेटर्स

ऑयल पाइपलाइन में भारत में बना स्टील इस्तेमाल न करें: ट्रम्प से बोले US सीनेटर्स

वॉशिंगटन. अमेरिका में मल्टी बिलियन डॉलर वाली कीस्टोन (Keystone) ऑयल पाइपलाइन में इंडियन स्टील के इस्तेमाल की मंजूरी को लेकर विवाद हो गया है। नौ डेमोक्रेटिक सीनेटर्स के एक इन्फ्लूएंशल ग्रुप ने डोनाल्ड ट्रम्प को लेटर लिखकर इस पर चिंता जताई है। लेटर में उन्होंने प्रेसिडेंट से उस कनाडाई कंपनी को प्रोजेक्ट नहीं देने की अपील की है जो विदेशी स्टील खासकर इंडिया और इटली में बने स्टील इस्तेमाल करती है। डेमोक्रेट सीनेटर्स निराश

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक डेमोक्रेटिक सीनेटर्स के लेटर में कहा गया है, “आपके (ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन) मेमोरेंडम में साफ तौर पर नए और बड़े पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है, हम यह जानकर निराश और उलझन में हैं कि कीस्टोन XL पाइपलाइन में 100% यूएस मेड स्टील इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं होगी। जिस कनाडाई फर्म को प्रोजेक्ट दिया गया है, उसे लेकर हम गहरी चिंता में हैं क्योंकि वह भारत और इटली जैसे देशों के स्टील इस्तेमाल करती है।”

– ट्रम्प को लिखे गए इस लेटर की कॉपी गुरुवार को मीडिया में जारी की गई।

अमेरिकी जॉब्स पर असर पड़ेगा
– लेटर में डेमोक्रेट सीनेटर्स ने यह भी कहा है, “जिस कनाडाई कंपनी को भारत और इटली जैसे देशों में बने स्टील के इस्तेमाल की इजाजत देकर आप एक मिसाल कायम कर रहे हैं, उसका अनफेयर और इलीगल प्राइसेज पर अमेरिका में स्टील प्रोडक्ट्स के डंपिंग का इतिहास है। आपके इस कदम से अमेरिका में जॉब्स पर असर पड़ेगा।”

– “हम यह जानकार भी निराश हैं, आपका (ट्रम्प) एडमिनिस्ट्रेशन कीस्टोन XL पाइपलाइन प्रोजेक्ट को बाय अमेरिकन पॉलिसी (Buy American policy) से छूट देगा।”

US मेड प्रोडक्ट्स, इक्विपमेंट्स का हो इस्तेमाल

– क्रिस हॉलेन और टैमी डकवर्थ की अगुआई में डेमोक्रेट सीनेटर्स ने इसके साथ ही ट्रम्प से सभी नए पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स में अमेरिका में बने प्रोडक्ट्स और इक्विपमेंट्स का इस्तेमाल तय करने और देश में जॉब्स के प्रोटेक्शन की अपील की है।
– ग्रुप में शामिल अन्य डेमोक्रेट सीनेटर्स में कॉरी ए बुकर, थॉमस आर कार्पर, अल फ्रैंकन, क्रिस्टोफर एस मर्फी, डेब्बी स्टैबनो, जोए डॉनली क्लैरी मैककास्किल, रॉबर्ट मेंडेज और गैरी सी पीटर्स शामिल हैं।

Courtesy: Bhaskar

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