कल से ये 12 बदलाव: बैंक ट्रांजैक्शन और इंश्योरेन्स महंगा, रेल सफर में मिलेगी राहत

नई दिल्ली. एक अप्रैल से कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। कल से देश के सबसे बड़ा बैंक एसबीआई में महीने में 3 से ज्यादा फ्री ट्रांजैक्शन का चार्ज लगेगा। वहीं एसबीआई में 6 बैंकों का विलय भी हो जाएगा। कैश ट्रांजैक्शन लिमिट 3 लाख से घटकर 2 लाख हो सकती है। शनिवार से ही कार-बाइक और हेल्थ इंश्योरेंस भी महंगा हो जाएगा। इसके अलावा मेल-एक्सप्रेस के किराए में राजधानी-शताब्दी में सफर किया जा सकेगा। सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक, एक अप्रैल से ही बीएस-III नॉर्म वाली गाड़ियां नहीं बिक सकेंगी। जानिए, 12 बदलावों के बारे में…

1# अप्रैल से फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट 3 होगी…

– देश का सबसे बड़ा बैंक SBI एक अप्रैल से होम ब्रांच में हर महीने तीन से ज्यादा फ्री कैश ट्रांजैक्शन नहीं करने देगा।

– नए नियम के मुताबिक, अगर आप महीने में 3 से ज्यादा ट्रांजैक्शंस करते हैं तो आपको प्रति ट्रांजैक्शन 50 रुपए चुकाने होंगे।

2# एसबीआई में होगा 6 बैंकों का विलय

– एक अप्रैल से एसबीआई का स्वरूप भी बदलने जा रहा है। उसमें 6 बैंकों का विलय होगा। विलय होने वाले बैंकों के कस्टमर एक अप्रैल से एसबीआई के कस्टमर होंगे।
– जिन बैंकों का विलय हो रहा है, उनमें स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, भारतीय महिला बैंक, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर शामिल हैं।
– 5 बैंकों के विलय से एसबीआई का एसेट बेस करीब 37 लाख करोड़ रुपए (555 अरब डॉलर) होगा। साथ ही 22500 ब्रांच और 58 हजार एटीएम होंगे। नए बैंक के 50 करोड़ से ज्यादा कस्टमर होंगे। जिसके जरिए वह दुनिया के टॉप-50 बैंकों में शामिल हो जाएगा।

3# कैश लिमिट
– केंद्र सरकार का प्रपोजल है कि कैश ट्रांजैक्‍शन लिमिट को 3 लाख रुपए से घटाकर 2 लाख रुपए कर दिया जाए। यानी 2 लाख रुपए से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्‍शन अमाउंट को इलीगल माना जाएगा।
– तय लिमिट से जितना ज्यादा कैश ट्रांजैक्‍शन होगा, उतनी ही पेनाल्टी लगेगी।
– फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने मंगलवार को फाइनेंस बिल पेश किया था। इस बिल में कैश ट्रांजैक्‍शन की लिमिट में बदलाव को प्रपोज किया गया है। इस पर सरकार को संसद की मंजूरी लेनी होगी।
– अगर संसद इसे मंजूर करती है तो नए नियम 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा।
– बता दें कि केंद्र सरकार ने ब्लैक मनी पर लगाम लगाने को लेकर एक एसआईटी गठित की थी। इसने भी अपनी सिफारिश में 3 लाख रुपए से ज्यादा के कैश लेन-देन पर रोक लगाने को कहा था।

पेनल्टी कितनी लगेगी?
– अगर बदलावों को संसद की मंजूरी मिल जाती है तो पेनाल्टी की रकम उतनी ही होगी, जितनी एक्‍स्‍ट्रा रकम कैश में ली गई है। यानी अगर किसी ने 5 लाख रुपए कैश में लिए हैं, तो उसे 3 लाख रुपए की पेनल्टी देनी पड़ेगी।
4# अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं तो बैंक लगा सकते हैं जुर्माना
– केंद्र सरकार ने कहा है कि बैंक अकाउंट्स में मिनिमम बैलेंस नहीं रहने पर बैंक पैनल्टी लगा सकते हैं, लेकिन इस पर लगाई जाने वाली लेवी रीजनेबल होना चाहिए। सर्विस देने की एवरेज कॉस्ट के हिसाब से ही जुर्माना होना चाहिए। फाइनेंस मिनिस्टर फॉर स्टेट संतोष कुमार गंगवार ने राज्यसभा में यह जानकारी दी थी।
– गंगवार ने कहा कि रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के मुताबिक, मिनिमम बैलेंस की रकम में बदलाव की अकाउंटहोल्डर्स को एक महीने पहले जानकारी देनी चाहिए। यह भी बताएं कि खाते में तय रकम नहीं रखने पर कितनी पैनल्टी वसूली जाएगी।
– देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई समेत देश के कई बैंक मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर जुर्माना वसूलने जा रहे हैं। एसबीआई एक अप्रैल से ऐसे ग्राहकों से जुर्माना वसूलेगा।
– मेट्रो सिटीज में एसबीआई अकाउंट होल्डर्स को मिनिमम 5,000 रुपए बैलेंस रखना होगा। वहीं, अर्बन एरियाज में यह लिमिट 3,000, सेमी-अर्बन एरियाज में 2,000 रुपए रहेगी।

Courtesy: Bhaskar.com

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