इनकम टैक्स में एक अप्रैल से होने जा रहे हैं ये 10 अहम बदलाव

इनकम टैक्स में एक अप्रैल से होने जा रहे हैं ये 10 अहम बदलाव

नई दिल्ली
फाइनैंस बिल के पास होने के साथ ही लोकसभा ने 2017-18 के लिए बजट प्रक्रिया पूरी कर ली है। 2017 के बजट में प्रस्तावित टैक्स अब कानून बन चुके हैं। ऐसे में आपके लिए एक अप्रैल से होने वाले 10 अहम बदलावों के बारे में जानना जरूरी है जो आपको प्रभावित कर सकते हैं:

1. ढाई लाख से पांच लाख तक की आय पर टैक्स 10 फीसदी से कम होकर 5 फीसदी हो जाएगा। ऐसे में जो लोग सालाना एक करोड़ रुपये कमाते हैं, उनकी 12,500 रुपये सालाना की बचत होगी। अगर सरचार्ज और सेस मिला दिया जाए तो यह बचत 14,806 रुपये हो जाएगी।

2. साढ़े तीन लाख रुपये की आय वाले करदाताओं की टैक्स छूट घटकर अब 2500 रुपये सालाना हो गई है। पहले पांच लाख रुपये की आय पर यह छूट 5,000 रुपये थी। टैक्स की दरों और छूट में हुए बदलाव के कारण सालाना 3.5 लाख रुपये की आय वाले करदाता को अब 2,575 रुपये टैक्स देना होगा, जबकि पहले 5150 रुपये देने होते थे।

3. पचास लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक की आय वाले करदाताओं पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया है। हालांकि, एक करोड़ रुपये से अधिक की आय वाले सुपररिच लोगों से 15 फीसदी का सरचार्ज बरकरार रहेगा।

4. अचल संपत्ति का लॉन्ग टर्म होल्डिंग पीरियड जो कि पहले तीन साल होता था, अब उसे घटाकर दो साल कर दिया गया है। इससे सुनिश्चित होगा कि दो साल से अधिक समय तक मालिकाना हक वाली संपत्ति पर घटा हुआ 20 फीसदी टैक्स लगे और फिर से निवेश करने पर वह अलग-अलग छूट के लिए योग्य रहे।

5. संशोधन की वजह से लॉन्ग टर्म कैपिटन गेन पर टैक्स कम लगेगा। कीमत की तुलना के लिए आधार वर्ष 1 अप्रैल, 1981 से बदलकर एक अप्रैल, 2001 किया गया।

6. रिडीम किए जा सकने वाले नोटिफाई बॉन्ड्स में पैसे लगाने पर टैक्स में छूट मिलेगी।

7. राजीव गांधी इक्विटी सेविंग्स स्कीम में पहली बार पैसे लगाकर वापस निकालने वाले लोगों को 2017-18 में टैक्स नहीं देना होगा। अगर एक अप्रैल 2017 के पहले किसी ने डिडक्शन क्लेम किया हो, तो उसे अगले दो साल तक और उसका लाभ मिल सकता है।

8. टैक्स रिटर्न में रिविजन की मियाद दो साल से घटकर एक साल हो गई है।

9. पांच साल रुपये तक की सालाना आय वाले करदाताओं के लिए एक पेज का साधारण टैक्स रिटर्न फॉर्म लाया जाएगा। इस श्रेणी के तहत पहली बार टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले जांच के अधीन नहीं आते।

10. वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 31 दिसंबर 2018 के बाद टैक्स रिटर्न फाइल करने पर 5000 रुपये पेनल्टी देनी होगी और अगर इसके बाद रिटर्न फाइल किया गया तो पेनल्टी 10,000 रुपये हो जाएगी।

Courtesy: NBT
Categories: Finance