बिहारः फसल क्षति के मुआवजे से वंचित किसान

खगड़िया। किसानों की फसल खराब होने पर किसान आत्महत्या तक कर लेता है। फसल खराब होने के बाद किसान के पास ज्यादा कुछ नहीं करने के लिए होता है। हाल ही में जिले के किसानों को फसल क्षति का लाभ नहीं मिला है। किसान लाभ के लिए दर दर भटक रहे हैं। उक्त बातें किसान विकास मंच के जिलाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह टुड्डु ने कही।

 

धीरेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा केसीसी लोन 30 प्रतिशत मांग कर दिया गया है। लेकिन बैंकों को आधिकारिक सूचना अभी तक नहीं आया है। बीते 25 मार्च को तूफान व ओलावृष्टि हुई। जिसके चलते किसानों की फसल क्षतिग्रस्त हो गई। लेकिन कृषि पदाधिकारी सर्वेक्षण के लिए आधिकारिक सूचना आज तक नहीं दिया है। फसल क्षतिपूर्ति के लिए अबतक किसानों से आवेदन नहीं मांगा गया है। उन्होंने कहा कि किसान गोलबंद हो जाए तभी प्रशासन किसानों की उपेक्षा नहीं करेगी।

इसके साथ उन्होंने कहा कि सड़क एवं बिजली हमारे संगठन का मुद्दा है। इस पर जिला प्रशासन का घेराव करेंगे। प्रखंड अध्यक्ष रंजीत कुमार ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार ओलावृष्टि से आहत किसानों को कॉ आपरेटिव लोन व केसीसी लोन पूर्णत: माफ कर दिया जाए।

आगामी एक मई को मजदूर दिवस के अवसर पर किसान विकास मंच द्वारा मजदूर किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। किसानों की समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो 3 मई को एनएच 31 जाम किया जाएगा।

 

Courtesy: nationaldastak.

Categories: India

Related Articles