MCD चुनाव 2017: कनाडा की फोटो को दिल्ली का बताकर बीजेपी लूटने चली थी वाहवाही, लेकिन पकड़ी गई चोरी

नई दिल्ली। आजकल सोशल मीडिया पर राजनीतिक पार्टीया अपनी प्रचार खूब जोरों-शोरों से करती है। सोशल मीडिया पर राजनीति पार्टीयों के तरह-तरह के विज्ञापन आते हैं। लेकिन इसी सोशल मीडिया पर बीजेपी पार्टी की एक धोखाधड़ी पकड़ी गई है। बताया जा रहा है कि गुरुवार(6 अप्रैल) को दिल्ली बीजेपी ने स्ट्रीट लाइट की एक तस्वीर लगाकर ट्वीट किया। ट्वीट में लिखा था कि दक्षिण दिल्ली नगर निगम (SDMC) ने दिल्ली में 2 लाख पारंपरिक स्ट्रीट लाइट्स को LED लाइट्स से बदल दिया, ट्वीट के मुताबिक इससे निगम को अगले 7 सालों में 425 करोड़ रुपये की बचत होगी।

 

यही नहीं, इस ट्वीट में ये भी लिखा था कि SDMC ने 75 हजार LED अतिरिक्त लाइट्स भी लगाए। ट्वीट के मुताबिक निगम के इस कदम से 6 करोड़ बिजली यूनिट की बचत होगी। SDMC का ये वाकई काबिले तारीफ होगा, अगर ये तस्वीर सच्ची होती। लेकिन इस तस्वीर के पीछे की कहानी कुछ और है। दरअसल ये चकाचक तस्वीर कनाडा के एक गली की है।

 

इस मामले को लेकर फाइनेंशियल एक्सप्रेस अखबार की तफ्तीश में पता चला है कि ये तस्वीर कनाडा शेलबर्न जिले की है। दरअसल जब इस तस्वीर के पीछे की कहानी को पता करने की कोशिश की गई तो इस तस्वीर का लिंक कनाडा से मिला। इस लिंक में ये भी लिखा है कि अगर आपको इस स्ट्रीट लाइट का कोई भी बल्ब खराब या फ्यूज मिले तो आप हेल्पलाइन पर संपर्क कर जानकारी दे सकते हैं। ये हेल्पलाइन नंबर एनएस पावर कस्टमर का था।

हालांकि जैसे ही इस तस्वीर की सच्चाई सामने आई तो बीजेपी ने इस तस्वीर को ट्विटर अकाउंट से हटा लिया है। आपको बता दें कि दिल्ली में 23 अप्रैल को नगर निगम के चुनाव होने हैं इसी को लेकर बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी इसकी जबर्दस्त तैयारी कर रही है।

 

बीजेपी की सोशल मीडिया पर यह पहली गलती नहीं है। इससे पहले 2016 में 15 अगस्त समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूपी के नगला फटेला गांव के लोगों की टीवी देखती तस्वीर को ट्वीट कर लिखा था कि नगला फटेला गांव के लोग पहली बार आजादी के जश्न को देख रहे हैं। दरअसल पीएम इस गांव में पहली बार बिजली पहुंचने का जिक्र कर रहे थे। बाद में ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस तस्वीर को रिट्वीट किया था। हालांकि डेलीओ नाम के वेबसाइट ने बाद में रिपोर्ट दी थी कि इस गांव में जब पत्रकार पहुंचे तो पाये कि इस गांव के 400 से 600 घरों में बिजली थी ही नहीं। इस तस्वीर पर विवाद होने के बाद पीएम ने इसे हस ट्वीट को ही डिलीट कर दिया था।

Courtesy: nationaldastak

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