1 मई से रोज बदलेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, 5 शहरों से होगी शुरुआत …

1 मई से रोज बदलेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, 5 शहरों से होगी शुरुआत …
नई दिल्ली. अब 1 मई से पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना बदलेंगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए ऐसा किया जाएगा। ऐसा अधिकांश विकसित देशों में होता है। आगे देश भर में इसकी शुरुआत करने की योजना है। सरकारी कंपनियों के हाथ में है देश का 95 फीसदी रिटेल ऑपरेशन…
-सरकार के स्वामित्व वाली फ्यूल रिटेलर्स इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्प लि. (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) 1 मई से चुनिंदा 5 शहरों में इसके लिए पायलट स्कीम लॉन्च करेंगी, जिसके तहत वहां पर रोजाना कीमतों में बदलाव किया जाएगा।
-इस स्कीम को आगे देश भर में लागू किया जाएगा। देश में मौजूद 58 हजार पेट्रोल पंपों में इन तीनों कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 95 फीसदी है।
इन5 शहरों से होगी शुरुआत
-आईओसी के चेयरमैन बी अशोक ने पीटीआई को बताया, ‘कुल मिलाकर हम देश के सभी पेट्रोल पंपों पर डेली बेसिस पर मार्केट लिंक्ड रेट्स की तरफ बढ़ रहे हैं।’
-उन्होंने कहा कि इस पायलट स्कीम को आंध्र प्रदेश में पुडुचेरी, विझाग, राजस्थान में उदयपुर, झारखंड में जमशेदपुर और चंडीगढ़ में लागू किया जाएगा।
अभी15 दिन में बदलते हैं रेट
-फिलहाल सरकार के स्वामित्व वाली फ्यूल रिटेलर कंपनियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड की कीमतों और करंसी एक्सचेंज रेट के आधार पर हर महीने 1 और 16 तारीख को रेट्स रिवाइस करती हैं।
-फोर्टनाइटली एवरेज के इस्तेमाल के बजाय अब पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रोजाना बदलाव होगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों और रुपए-अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव के आधार पर होगा।
 पायलट के तौर पर होगी शुरुआत
उन्होंने कहा, ‘डेली रेट्स में बदलाव करना टेक्निकली संभव है, लेकिन हम शुरुआत में पायलट स्कीम के तौर पर काम करेंगे। एक बार पायलट स्कीम पूरी हो जाए और उसकी दिक्कतों का अध्ययन हो जाए, उसके बाद हम देश के दूसरे हिस्सों में इसे लॉन्च करेंगे।’
-अशोक ने कहा कि पायलट को ‘एक महीने के भीतर लॉन्च किया जाना है।’ हालांकि उन्होंने कोई तारीख नहीं दी, लेकिन सूत्रों ने कहा कि इसे 1 मई को लॉन्च करने की योजना है।
 सरकारी कंट्रोल से मुक्त हो चुके हैं पेट्रोल-डीजल
-जून 2010 में पेट्रोल की कीमतों को सरकारी कंट्रोल से मुक्त किया गया था, वहीं डीजल की कीमतों को अक्टूबर 2014 में कंट्रोल से मुक्त हुआ था।
-हालांकि टेक्निकली तेल कंपनियां रेट्स में बदलाव के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन अक्सर उन्होंने राजनीतिक वजहों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना पड़ता है।
प्राइवेट कंपनियां भी कर सकती हैं ऐसा
-सूत्रों के मुताबिक भारत की प्राइवेट फ्यूल रिटेलर रिलायंस इंडस्ट्रीज और एस्सार भी सरकारी रिटेलर की पहल का अनुसरण कर सकते हैं।
Courtesy: Bhaskar
Categories: Finance