बिहार: नीतीश राज में दिल दहलाने वाली घटना, सैलरी मांग रहे मजदूरों ने खुद को लगाई आग

बिहार: नीतीश राज में दिल दहलाने वाली घटना, सैलरी मांग रहे मजदूरों ने खुद को लगाई आग

मोतिहारी। जहां एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद को सुशासन बाबू कहते हैं वहीं दूसरी तरफ उनके राज में दलितों और मजदूरों का बुरा हाल है। करीब 15 साल के बकाए वेतन के भुगतान की मांग को लेकर 7 अप्रैल से धरना दे रहे मोतिहारी सुगर मिल लेबर यूनियन के दो नेताओं ने सोमवार को खुद को आग लगा ली। मजदूरों द्वारा खुद को आग लगाए जाने की घटना से वहां हड़कंप मच गया। शरीर पर मिट्टी तेल छिड़क कर आग लगाने से वे बुरी तरह झुलस गए। झुलसे मजदूरों को पहले निजी हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया, जहां से उन्हें पटना रेफर कर दिया गया।
खबर के अनुसार, बंद पड़ी सुगर मिल की यूनियन ने प्रशासन को 9 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया था और कहा था कि इसके बाद वे लोग आत्मदाह कर लेंगे। इस सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उधर, एसपी जितेंद्र राणा ने बताया कि पुलिस पर हमले के बाद खुद को फंसते देख साथियों ने ही दोनों नेताओं को जला दिया। डीएम-एसपी समेत आला अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं।

मजदूरों के आत्मदाह की कोशिश के बाद वहां मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई, जिसे काबू में करने के लिए पुलिस को पहले लाठीचार्ज, फिर छह राउंड हवाई फायरिंग और आंसू गैस के 18 गोले छोड़ने पड़े। इसमें कई लोग घायल हो गए। इसके बाद लोगों का आक्रोश और भड़क गया। पुलिस पर पथराव में कई जवान घायल हो गए। भीड़ ने छतौनी थाने की जीप में भी तोड़फोड़ की।

 

लेबर यूनियन के मुताबिक 23 मार्च को ही यूनियन ने आत्मदाह की चेतावनी लिखा पत्र प्रबंध निदेशक सह मालिक हनुमान सुगर मिल लि. मोतिहारी को कार्यपालक अध्यक्ष सह सलाहकार के माध्यम से यूनियन ने दिया था। मजदूर यूनियन का दावा है कि इसकी प्रतिलिपि डीएम, एसपी, श्रमाधीक्षक, ईख पदाधिकारी व छतौनी थानाध्यक्ष को सौंपी गई थी। पत्र में कहा गया था कि 9 अप्रैल की मध्य रात्रि के बाद मजदूर यूनियन के लोग किसी भी समय डीएम या चीनी मिल के समक्ष आत्मदाह कर लेंगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे आंदोलनकारी चीनी मिल गेट पर धरने पर बैठ गए। धरनास्थल से कुछ दूर आगे बढ़कर नरेश व सूरज ने केरोसिन उड़ेल कर शरीर में आग लगा ली।

Courtesy: nationaldastak

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