छह कोच गुजरने के बाद सातवें से डिरेल हुई ट्रेन, आरपीएफ महानिदेशक जांचेंगे

छह कोच गुजरने के बाद सातवें से डिरेल हुई ट्रेन, आरपीएफ महानिदेशक जांचेंगे

मुरादाबाद  रामपुर में राज्यरानी एक्सप्रेस हादसे की जांच रविवार को शुरू हो गई। जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां से इंजन सहित छह बोगी सुरक्षित निकल गईं थीं। सातवां कोच तेज झटके के साथ पटरी से उतर गया। इंजन ट्रेन को आगे खींच रहा था और सातवें कोच के बाद अन्य डिब्बे पटरी को उखाड़ते हुए घिसटते रहे। ड्राइवर के ब्रेक लगाने तक 12 कोच की गाड़ी के दस डिब्बे बेपटरी हो चुके थे और गाड़ी दो हिस्सों में बंट चुकी थी। ऐसे में कोच में खराबी की संभावना को भी जांच में शामिल किया गया है। जांच की आंच बड़े स्तर तक पहुंच रही है। स्थानीय लापरवाही की जांच के लिए खुद आरपीएफ महानिदेशक एसके भगत रामपुर आ रहे हैं। सुबह उनका रामपुर पहुंचना कई पुलिस अफसरों के लिए शामत साबित हो सकता है।

एक दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

राज्यरानी एक्सप्रेस हादसे की वजह को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। रेलवे के सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। इन सभी की रिपोर्ट तैयार करने के बाद कुछ हिस्से भी सुरक्षित रखे गए हैं। इनको जांच में प्रयोग किया जाएगा। हादसे में 280 मीटर पटरी पूरी तरह से उखड़ गई थी। इसमें भी सौ मीटर पटरी के टुकड़े बिखर गए थे। एक टुकड़े में 20 मिमी छेद भी मिला। इसके बारे में माना जा रहा है भारी दबाव के कारण यह बना होगा। पटरी के टुकड़ों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिया गया है। एडीआरएम संजीव मिश्र ने बताया कि जांच में सभी बिंदुओं को शामिल किया गया है। इसमें कोच की तकनीकी खराबी भी शामिल है। रखरखाव में खराबी के कारण पटरी का चटकना ही दुर्घटना का कारण माना जा रहा है। लेकिन रेल प्रशासन साजिश की संभावना जता रहा है। आरपीएफ और जीआरपी साजिश की बजाय इंजीनियङ्क्षरग विभाग पर उंगली उठा रहे है। ऐसे में रेलवे सभी आयामों से जांच कराने की तैयारी में है।

एटीएस बरेली  ने जुटाए साक्ष्य

हादसे की एटीएस ने भी जांच शुरू कर दी है। रविवार को बरेली एटीएस की टीम जीआरपी और आरपीएफ थाने पहुंची। पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ की। साथ ही रेल अफसरों से तकनीकी पहलुओं पर भी जानकारी ली। हादसे के पीछे आतंकी साजिश तो नहीं है, इसे लेकर भी खुफिया तंत्र जांच पड़ताल कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एटीएस को जांच के आदेश दिए हैं। शनिवार शाम को ही एटीएस के अपर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश श्रीवास्तव रामपुर पहुंच गए थे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया, जिसके बाद उन्होंने दो इंस्पेक्टरों की टीम रामपुर में ही लगा दी।  घटना से संबंधित जुटाए गए साक्ष्य के बारे में जानकारी ली। टीम ने रेल अफसरों से भी पटरी टूटने के तकनीकी पहलुओं से लेकर, विस्फोटक की संभावनाओं पर बातचीत की।

चौबीस घंटे बाद खुला ट्रैक

मेरठ-लखनऊ के बीच चलने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस के रामपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त होने से बाधित हुआ मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलमार्ग 24 घंटे बाद सुचारु हो सका। रविवार को भी पांच एक्सप्रेस रेलगाडिय़ों को रद करना पड़ा। सोमवार को सभी रेलगाड़ी निर्धारित समय के अनुसार चलाई जाएंगी। इससे दैनिक यात्रियों की परेशानी कम हो जाएगी। इंजीनियरों की कड़ी मशक्कत के बाद करीब 24 घंटे बाद रामपुर में टूटी पटरियों को जोड़कर ट्रेनों का संचालन रविवार सुबह करीब दस बजे शुरू कर दिया गया। इसके बाद ट्रेनों को रामपुर के रास्ते भेजना शुरू कर दिया गया। रद ट्रेनों के संचालन को भी हरी झंडी दे दी गई। स्टेशन अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को रद की गई फैजाबाद, इंटरसिटी, सत्याग्रह एक्सप्रेस सहित आदि को सोमवार को चालू कर दिया जाएगा।

Courtesy: Jagran.com

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