असम: मुख्‍यमंत्री सोनोवाल के निर्वाचन क्षेत्र में साइकिल पर ले जाना पड़ा भाई का शव

असम: मुख्‍यमंत्री सोनोवाल के निर्वाचन क्षेत्र में साइकिल पर ले जाना पड़ा भाई का शव

गुवाहाटी करीब आठ माह पहले ओडिशा के कालाहांडी में पत्नी का शव कंधे पर लेकर 10 किलोमीटर तक ले जाने वाले दाना मांझी ने पूरी दुनिया का ध्‍यान अपनी ओर आकर्षित किया था। कुछ ऐसी ही तस्‍वीर असम के माजुली में दिखी जो मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का विधानसभा क्षेत्र है। माजुली में एक शख्‍स को अपने 18 वर्षीय भाई का शव साइकिल पर ले जाना पड़ा।

टूटी सड़क के कारण गाड़ी वालों ने किया इंकार

इंडियन एक्‍सप्रेस की खबर के अनुसार, गांव की सड़क खराब होने के कारण गाड़ी वालों ने वहां जाने से इंकार कर दिया और आखिरकार मजबूर शख्‍स ने भाई के शव को कपड़ों में लपेटकर साइकिल पर रख लिया।

जांच के आदेश

एक स्थानीय न्यूज चैनल पर तस्वीर आने के बाद मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही राज्य के उच्च पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारियों को मौके पर पहुंचने को भी कहा है।

आठ किमी की दूरी पर अस्‍पताल

युवक लखीमपुर जिले के बालिजान गांव का निवासी था। जहां से आठ किमी की दूरी पर अस्‍पताल है। मृतक के भाई ने कहा कि मंगलवार को अस्पताल में उसके भाई की मौत हो गई थी और टूटी सड़क के कारण गाड़ीवालों के इंकार के बाद वह वहां से अपने भाई का शव साइकिल में बांधकर गांव के लिए निकल पड़ा। इस मामले में माजुली के डिप्टी कमिश्नर पीजी झा ने बताया कि युवक की मौत गारामुर सिविल अस्पताल में हुई है। इस घटना पर कहा कि मृतक के गांव बालीजान जाने के लिए ऐसी सड़क नहीं है कि वहां गाड़ी ले जायी जा सके। इस गांव में जाने के लिए बांस के अस्थायी पुल से भी गुजरना होता है।

सांस लेने में थी तकलीफ

डिप्‍टी कमिश्‍नर ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 6 लोगों द्वारा युवक डिंपल दास को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वे उसे साइकिल से ही लेकर आए थे और इसलिए उसके निधन के बाद परिजन साइकिल से ही ले गए जबकि डॉक्टर ने शव को ले जाने के लिए वाहन मुहैया कराने का आदेश दिया था।

Courtesy: Jagran.com

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