योगी राज में ‘भूख’ से तड़पते दलित परिवार ने मांगी इच्छा मृत्यु

योगी राज में ‘भूख’ से तड़पते दलित परिवार ने मांगी इच्छा मृत्यु

हरदाई। उत्तर प्रदेश के सीएम में बनते ही योगी के आवास पर कई लोग फरमान लेकर आते हैं। हाल ही में हरदोई में एक दलित परिवार ने सीएम योगी से इच्छा मृत्यु की मांग की है। दलित परिवार का कहना है कि वो भूखे मर रहे हैं, इससे बेहतर होगा कि उन्हें मौत दे दी जाए। इस परिवार के मुखि‍या का आरोप है कि, जिस जमीन पर वो पिछले 30 वर्षों से खेती कर रहा था, उसे ग्राम प्रधान के पति ने अधिकारियों के साथ मिलकर नीलाम कर दिया है।

 

क्या है मामला

आपको बता दें कि मामला हरदोई के मुहीपुरी गांव का है। यहां कन्हैयालाल अपने दो भाइयों और चार बेटों के साथ रहते हैं। उनके मुताबिक, करीब 30 वर्षों से पूरा परिवार मिलकर ग्राम समाज की जमीन पर खेती करते थे, जो कि काफी समय पहले प्रधान द्वारा दी गई थी। वहीं, इस वर्ष कन्हैयालाल ने इस जमीन पर गेहूं की फसल तैयार की थी, जब वो फसल काटने गया तो ग्राम प्रधान के पति रामरतन ने उसे रोक दिया।

 

 

 

ग्राम प्रधान ने पुलिस को बुलाकर कन्हैयालाल को थाने भिजवा दिया। थाने पर उसे पता चला कि प्रधान श्याम कली और उनके पति रामरतन ने एसडीएम सर्वेश गुप्ता के साथ मिलकर उसकी जमीन की नीलामी करवा दी है।

 

 

 

इस मामले को लेकर कन्हैयालाल का कहना है कि, उनके परिवार ने प्रधान को वोट नहीं दिया था। इस बात की जानकारी प्रधान को भी थी। प्रधान इसी बात का बदला ले रहा है। परिवार का कहना है कि, भूखे मर रहे हैं, इससे बेहतर होगा कि उन्हें मौत दे दी जाए। इच्छा मृत्यु के संबंध में इस परिवार ने एक लेटर सीएम योगी को भी भेजा है।

 

 

पुलिस का क्या है कहना

इस पूरे मामले पर थाना अध्यक्ष राजेश चौरसिया का कहना है कि, जमीन की नीलामी हो चुकी है। ये भी सत्य है कि ये परिवार 30 वर्षों से उस जमीन पर खेती कर रहा था।

 

आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने सीएम बनते ही सख्त आदेश दिए थे कि यदि कोई व्यक्ति भूख से मरता है तो उसके लिए डीएम जिम्मेदार होगा और यदि कोई व्यक्ति बीमारी से मरेगा तो उसके लिए सीएमओ जिम्मेदार होगा।

 

Courtesy: .nationaldastak

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