जम्मू में बुजुर्ग और बच्ची को गाय के नाम पर पीटा गौ-गुंडों ने

जम्मू में बुजुर्ग और बच्ची को गाय के नाम पर पीटा गौ-गुंडों ने

जम्मू के पास एक जगह है रियासी. वहां से गाय के गुंडों की गुंडई का एक वीडियो आया है. कुछ खानाबदोश लोग थे. जिनका अपना घर नहीं होता. जहां पांव रुके वहीं घर हो जाता है. ये अपना सामान और अपने मवेशी साथ लेकर चलते हैं. इस वीडियो में दिखता है कि गाय के नाम पर गुंडई करने वाले उनका तंबू तोड़ रहे हैं. उस पर लातें बरसा रहे हैं. तंबू में आग लगा रहे हैं. उनका मानना था कि ये लोग गायों के तस्कर हैं. सड़क पर चलते किसी भी आदमी के साथ गाय दिख जाए तो उसे मारा जा सकता है. वो गाय का तस्कर ही होगा. ऐसा नियम गाय के नाम पर गुंडई करने वालों ने बनाया है.

सबसे बुरा ये कि पुलिस भी मौके पर थी. लेकिन इनकी गुंडई को रोकने में वो भी नाकाफी थे. क्योंकि नंबर में गुंडे ज्यादा थे. ये सब 21 अप्रैल को हुआ. उस परिवार को लोहे की रॉड से पीटा गया. बुजुर्ग और नौ साल की बच्ची पर भी ताकत आजमाई गई. उसी तंबू में एक औरत थी, जो उनसे रुक जाने के लिए कह रही थी. उसकी भी नहीं सुनी गई.

असल बात ये थी कि वो लोग रियासी इलाके से कश्मीर की ओर जा रहे थे. साथ में उनके मवेशी भी थे, यही उनकी गलती थी. पुलिस ने मारपीट के इस पूरे मामले में ग्यारह जनों को पकड़ा है. एनडीटीवी की खबर के मुताबिक़ खानाबदोश परिवार के चार लोगों पर भी बिना इजाजत के जानवरों को रियासी से किश्तवाड़ ले जाने का मामला दर्ज हुआ है.

अब ये गाय वाला मामला हाथ से निकल चुका है. उम्मीदें छोड़ दीजिए. किसी की भी जान पर कभी भी बन सकती है. लोग आपको मार सकते हैं. मार डाल सकते हैं. और मामला गाय का बन जाएगा. एक ये शब्द आते ही कई लोग आपके खिलाफ वैसे ही हो जाएंगे क्योंकि उनके अपने पूर्वाग्रह हैं. अब फैक्ट्स मायने नहीं रखते. ‘गाय’ मायने रखती है. ये शब्द मायने रखता है. उसके आगे-पीछे किसी की जान तक मायने नहीं रखती.

Courtesy: AajTak


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