BJP सांसद और सपोर्टर्स ने SSP के घर के कैमरे तोड़े, तार काटे: सहारनपुर मामले में दावा

BJP सांसद और सपोर्टर्स ने SSP के घर के कैमरे तोड़े, तार काटे: सहारनपुर मामले में दावा

लखनऊ.सहारनपुर में शोभायात्रा के दौरान भड़की हिंसा मामले में नया मोड़ आ गया है। बीजेपी सांसद राघव लखनपाल के आरोपों पर एसएसपी आवास से जुड़े सूत्रों  से बातचीत में दावा किया कि सांसद और उनके सपोर्टर्स ने एसएसपी के घर पर हंगामा किया, वहां लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, उनके तार काट डाले। गमले और नेम प्लेट भी तोड़ डाली। ये सब देख एसएसपी की पत्नी पीछे के रास्ते से बच्चों को लेकर जान बचाकर भागीं। बच्चों के साथ वे रो भी रही थीं। बता दें कि 20 अप्रैल को सांसद अपने सपोर्टर्स के साथ अंबेडकर शोभायात्रा निकाल रहे थे, लेकिन बीच में ही पुलिस ने यात्रा को रोक लिया, जिससे गुस्साए सांसद एसएसपी के घर पहुंच गए और वहां तोड़फोड़ की। बताया जाता है कि सांसद के पास यात्रा की इजाजत नहीं थी। सांसद बोलेझूठ बोल रही हैं एसएसपी की पत्नी
– सहारनपुर एसएसपी लव कुमार के आवास से जुड़े सूत्रों ने बताया, “उस वक्त मेमसाब और दोनों बच्चे घर में ही थे। नारेबाजी सुनकर वो डर गए और जोर-जोर से रोने लगे। इसी दौरान तोड़फोड़ की गई।”

– इस मामले में जब सांसद राघव लखनपाल से पूछा गया तो उन्होंने कहा, ”हमने पूरी जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी थी। इसके बाद भी शोभायात्रा निकालने के लिए पुलिस प्रशासन ने जरूरी इंतजाम नहीं किए। उल्टा हमारी शोभायात्रा के रास्ते को ही छोटा कर दिया गया। इसके बाद जब मुस्लिमों ने हमारी यात्रा पर पत्थरबाजी शुरू की तो पुलिस वहां से भाग गई।”

– ”यही वजह थी कि हम लोगों को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा। इसकी शिकायत करने के लिए ही हम लोग एसएसपी आवास गए थे।’ किसी ने कोई तोड़फोड़ नहीं की थी। गलती से किसी ने नेमप्लेट तोड़ दी थी और भीड़ की वजह से कुछ गमले टूट गए होंगे, लेकिन किसी ने कोई बदतमीजी नहीं की।”
– ”आईपीएस की पत्नी मनगढ़ंत कहानी बना रही हैं, वो झूठ बोल रही हैं। जब मुस्लिमों ने पत्थरबाजी करनी शुरू की तो एसएसपी भाग गए। वो भगोड़ा है। कोई कार्यकर्ता उनके घर के अंदर गया ही नहीं। ये सब मुझे बदनाम करने की अपोजिशन की चाल है।”

सांसद ने उठाए ये सवाल
– बीजेपी सांसद लखनपाल ने कुछ सवाल भी उठाए। कहा, “इस इलाके में कश्मीर की तरह पत्थरबाज पनप रहे हैं और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। हम यूपी को कश्मीर बनाने से रोकना चाहते हैं। अगर हमने शोभायात्रा निकाली तो मुस्लिमों ने पत्थरबाजी क्यों की?”

– “अंबेडकर ने जब संविधान सभी के लिए बनाया तो मुस्लिमों को ही इससे छूट क्यों मिलती है? वो पत्थर चलाएं तो संवैधानिक, हम करें तो उपद्रव?”
– “हमें ऐसी पुलिस नहीं चाहिए जो भेदभाव करती है। हम इसी बात की शिकायत करने एसएसपी आवास गए थे। हमने ही जानकारी दी कि कौन-कौन से मुस्लिम नेताओं और लोगों ने पत्थरबाजी की, लेकिन अब हमें ही गलत साबित किया जा रहा है।”

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी: सरकार
– इस मामले पर यूपी के पावर मिनिस्टर श्रीकांत शर्मा ने कहा, ”ये खबर मैंनेDainikBhaskar.comपर देखी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार अपने स्तर पर जांच करवा रही है। अगर किसी व्यक्ति को कोई ऑब्जेक्शन था तो पार्टी या सरकार को लिखित या मौखिक रूप से बता सकता था। उसका समाधान निकाला जाता। लेकिन किसी भी रूप में कानून को अपने हाथों में लेना गलत है। किसी अधिकारी के आवास में घुसकर उत्पात नहीं मचाया जा सकता है। इस मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।”

एसएसपी की पत्नी ने बयां किया दर्द
– एसएसपी लव कुमार की पत्नी शक्ति कुमार ने 20 अप्रैल की घटना का जिक्र करते हुए कहा, ”मैं अलीगढ़, गोरखपुर, मुरादाबाद जैसे संवदेनशील जिलों में पति के साथ रही, लेकिन सबसे ज्यादा सुरक्षित मानी जाने वाली एसएसपी कोठी पर ढाई घंटे तक जो मंजर मैंने देखा, उससे सहम गई हूं। मैंने अपने 6 और 8 साल के बच्चों की आंखों में जो खौफ देखा, उसे भूल नहीं सकती। पहले कभी वो इतनी जोर-जोर से चीखकर नहीं रोए, जितना उस शाम को।”
– ”दूसरी और तीसरी क्लास में पढ़ने वाले मेरी बेटी और बेटे की आंखें रो-रो कर लाल हो चुकी थीं। कोठी में पूरी तरह से सांसद और उनके समर्थकों का कब्जा हो चुका था। सांसद के समर्थक तोड़फोड़ कर कैंप ऑफिस और आवास के बीच के दरवाजे को खोल कर अंदर गैलरी तक घुस आए थे। उपद्रवियों को देख दोनों बच्चे ये कहते हुए रोने लगे कि मम्मी, पापा को फोन करके जल्दी बुलाओ डर लग रहा है। तभी फॉलोअर ने दौड़ कर दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया।”
– ”भीड़ के बीच में जोर-जोर से आवाज आ रही थी कि आज कप्तान को बंगले में घुसने नहीं देंगे, देखते हैं अंदर कैसे आएगा..। ये सुनने के बाद मैं दोनों बच्चों को गोद में लेकर कोठी के पिछले गेट से निकल कर काफी देर तक गाय के पास बैठी रही। तभी कोठी में तैनात एक दारोगा दौड़कर आया और हम तीनों को सर्विलांस सेल दफ्तर में बैठाकर एसएसपी को फोन किया। शाम करीब साढ़े सात बजे बवाल को शांत कराकर जब पति घर पहुंचे तो दौड़कर दोनों बच्चे पापा-पापा कहते हुए उनसे लिपट गए।”

परिवार का भयभीत होना स्वाभाविक: SSP
– इस मामले पर एसएसपी लव कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा था, ”400-500 के आसपास लोग होंगे, कुछ लोग नारेबाजी भी कर रहे थे। किसी के भी घर में इतने लोग घुस जाएं तो परिवार का भयभीत होना स्वाभाविक है। मेरा परिवार शॉक्ड रह गया कि कैसे इतने लोग घर में घुस आए।”

क्या है मामला?
– यूपी के सहारनपुर में अंबेडकर जयंती समारोह के तहत 20 अप्रैल को एक शोभायात्रा निकालने को लेकर दो पक्षों में झड़प हो गई। बताया जाता है कि ये शोभायात्रा एडमिनिस्ट्रेशन की इजाजत लिए बगैर निकाली जा रही थी। जबरन शोभायात्रा निकाले जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की और यात्रा छोटी कर दी। इससे नाराज बीजेपी सांसद राघव लखनपाल ने अपने सपोर्टर्स के साथ एसएसपी का घर घेर लिया और वहां तोड़फोड़ की।

– बता दें कि सहारनपुर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाका है और इलाके में हिंसा फैलने की आशंका के चलते ही ऐसी शोभा यात्राओं पर कई साल से पाबंदी है।

Courtesy: Bhaskar

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