सुकमा: शहीद की पत्नी ने पति की अर्थी को दिया कंधा

सुकमा: शहीद की पत्नी ने पति की अर्थी को दिया कंधा
भारतीय सुरक्षाबलों के लिए पिछला हफ्ता काफी चुनौतीपूर्ण और दुखद रहा। सुकमा में नक्सलियों द्वारा किए गए औचक हमले के समय CRPF जवान दोपहर का खाना खा रहे थे। अचानक हुए इस हमले में 25 जवान शहीद हो गए।

सरकार ने सख्त कदम उठाने का वादा करते हुए कहा है कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। मारे गए ज्यादातर जवान अपने परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। कई शहीद ऐसे हैं जिनके ऊपर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी।

CRPF में कॉन्स्टेबल पद पर तैनात अमृतसर के रहने वाले रघबीर सिंह भी ऐसे ही जवानों में से एक थे। रघबीर की शहादत पर जहां पूरे देश गमगीन हुआ, वहीं उनकी पत्नी ने इस भीषण दुख की घड़ी में भी साहस और जज्बे की एक अलग मिसाल पेश की। उन्होंने अपने पति की अर्थी को कंधा दिया और अंतिम विदाई से पहले उन्हें सलामी दी।

रघबीर सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद हो गए। उनका अंतिम संस्कार अमृतसर स्थित उनके पैतृक गांव सठियाला में हुआ।
अंतिम संस्कार के समय जब रघबीर की अर्थी उठी, तो उनकी पत्नी बलजीत ने भी अर्थी को कंधा दिया। अर्थी को चिता तक ले जाने के पूरे सफर में बलजीत लगातार अर्थी को कंधा देते हुए चलती रहीं।

मालूम हो कि भारत के अधिकांश हिस्सों, खासतौर पर उत्तरी भारत में, मृतक की अर्थी को कंधा देना तो दूर महिलाएं अंतिम संस्कार में शरीक तक नहीं होती हैं।

अंतिम संस्कार के समय जब रघबीर की अर्थी उठी, तो उनकी पत्नी बलजीत ने भी अर्थी को कंधा दिया। अर्थी को चिता तक ले जाने के पूरे सफर में बलजीत लगातार अर्थी को कंधा देते हुए चलती रहीं।

लेकिन बलजीत कौर ने इस परंपरा को तोड़ते हुए अपने शहीद पति को कंधा दिया। जब रघबीर का शव चिता पर रखा गया, तो दुख और शोक में डूबी हुईं बलजीत ने जबर्दस्त हिम्मत दिखाते हुए अपने पति को आखिरी बार सलामी भी दी।

देश की सुरक्षा और अपने फर्ज के लिए अपनी जान और परिवार की भी फिक्र नहीं करने वाले शहीद को उनकी पत्नी द्वारा दी गई इस अंतिम विदाई से भला किसकी आंखें नम नहीं होगीं!
रघबीर के अंतिम संस्कार के मौके पर करीब-करीब उनका पूरा गांव ही मौजूद था। ज्यादातर लोगों ने बलजीत द्वारा अपने पति की अर्थी को कंधा दिए जाने के फैसले का समर्थन किया। CRPF की एक टुकड़ी भी इस मौके पर मौजूद थी।

जवानों ने अपने शहीद नायक रघबीर सिंह को बंदूक की सलामी दी। रघबीर की शहादत के बाद अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनकी पत्नी बलजीत के कंधों पर आ गई है।

रघबीर और बलजीत के एक 24 साल का बेटा अमृतपाल और 16 साल की बेटी सिमरनदीप कौर है। पंजाब सरकार ने शहीद रघबीर के परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दिए जाने का ऐलान किया है।
Courtesy: NBT
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