गुजरात में गौरक्षक दल का पर्दाफाश, कटने के लिए बूचड़खाने सप्लाई करता था गायें

गुजरात में गौरक्षक दल का पर्दाफाश, कटने के लिए बूचड़खाने सप्लाई करता था गायें

वडोदरा। जहां एक तरफ पूरे देश में गोरक्षा के नाम पर कथित गौरक्षकों द्वारा दलितों और मुस्लिमों का कत्लेआम किया जा रहा है। वहीं बूचड़खानों और अखिल भारतीय सर्वदलीय गौरक्षा महाअभियान समिति, अहमदाबाद के बीच गठजोड़ का एक बड़ा खुलासा हुआ है। पशु कल्याण कार्यकर्ता जतिन व्यास ने बताया कि पुलिस ने वडोदरा में ‘गोल्डन चौकड़ी’ से गायों और बछड़ों से भरा ट्रक जब्त किया है।
गौरक्षक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू देसाई द्वारा हस्ताक्षरित परमिट के कागजात के साथ गायों और बछड़ों को श्रीनाथ जी गौशाला, अहमदाबाद के ज़रिए गुजरात के बाहर बूचड़खानों में भेजा जा रहा था।

 
आल्ट न्यूज के मुताबिक, वडोदरा के पशु कल्याण कार्यकर्ता जतिन व्यास को जानकारी मिली थी कि गाय और बछड़ों से भरा एक ट्रक उनको स्थानांतरित करने के नाम पर गुजरात के बाहर गौकशी के लिए भेजा जा रहा है। इसमें गुजरात के बाहर स्थित एक पांजरापोल (पशु आश्रय) और बाबू देसाई की मिलीभगत है।

 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 2 मई की शाम को ट्रक नंबर जीजे -24 वी 8851 से गायों और बछड़ों को भेजा जा रहा था। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद हरनी क्षेत्र पुलिस स्टेशन ने गोल्डन चौकड़ी पर नजर रखी और ट्रक को पकड़ लिया। जब पुलिस और पशु कल्याण स्वयंसेवकों ने ट्रक की जांच की तो उन्होंने 12 गाय और बछड़ों को रस्सी से बंधे हुए पाया। जानवरों के लिए भोजन या पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने ट्रक चालक इब्राहिम साहचखान सिंधी और नारायण हरजी राबड़ी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के बाद पुलिस को पता चला कि वे जानवरों को भरूंच स्थित इस्माइल नामक एक व्यक्ति के स्वामित्व वाले बूचड़खाने में ले जा रहे थे। पुलिस को बाबू देसाई के हस्ताक्षर वाला पत्र मिला जिसमें लिखा था कि जानवरों को महाराष्ट्र में पशु आश्रय में ले जाया जा रहा है। बाबू देसाई ने कृष्णनगर पुलिस स्टेशन, अहमदाबाद और स्थानीय आरटीओ से भी अनुमति ली जिसमें उन्होंने कहा कि वे श्रीनाथजी गोशाला, नवा नरोदा से 7 गायों को समराला, महाराष्ट्र में दे रहे हैं।
बाबू देसाई कथित रूप से गुजरात की विभिन्न नगर पालिकाओं और निगमों से गायों को लेकर श्रीनाथजी गोशाला के माध्यम से बूचड़खानों में बेच देते थे। उन्होंने अपनी गौशाला के लिए भोजन और गायों की देखभाल के नाम पर दान भी जमा किया। इस सम्बन्ध में हरनी पुलिस ने तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है जिसमें बाबू करसनभाई देसाई सहित ड्राइवर और क्लीनर शामिल हैं।

Courtesy: nationaldastak.

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