कहां जाएं मूलनिवासीः आदिवासियों का हक मारने वाले नेता को बचा रही है बीजेपी सरकार!

कहां जाएं मूलनिवासीः आदिवासियों का हक मारने वाले नेता को बचा रही है बीजेपी सरकार!

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के बीजेपी विधायक डॉ. विजय कुमार गावित एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त पाए गए हैं। भ्रष्टाचार का खुलासा होने के बाद भी फडनवीस सरकार चुप्पी साधे हुई है। सरकार की चुप्पी ने देश में नए विवाद को जन्म दे दिया है। एक तरफ पीएम मोदी भ्रष्टाचार मुक्त भारत की बात कर रहे हैं और दूसरी तरफ उनके ही पार्टी के विधायक भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जा रहे हैं।

 

बीजेपी के टिकट पर नंदुरबार विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने डॉ. विजय कुमार गावित को बचाते हुए महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार की सांस फूल रही है। दरअसल रिटायर्ड हाइकोर्ट जस्टिस MG गायकवाड़ की अध्यक्षता में बनी जांच समिति ने विजय कुमार गावित को आदिवासी कल्याण विभाग के भ्रष्टाचार में दोषी पाया है। सोचने वाली बात है जिस देश में आदिवासियों की हालत आज भी इतनी खराब है उन आदिवासियों का भी हक मारने में हमारे नेता पीछे नहीं हैं।

 

गावित पर यह आरोप सिद्ध हुआ है कि उन्होंने बिना टेंडर करोड़ों रुपये के काम आवंटित किए थे। यह मामला तब का है जब गावित आदिवासी कल्याण विभाग के अधीन बोर्ड के पदसिद्ध प्रमुख थे उस वक्त वो पुरानी कांग्रेस-एनसीपी सरकार में उस विभाग के मंत्री थे। बाद में गावित पाला बदल कर बीजेपी में शामिल हो गए और विधायक बन गए। इतना ही नहीं उनकी बेटी हि‍ना भी नंदुरबार लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी की सांसद हैं।

 

 

भ्रष्टाचार के आरोपों के साबित होने के बावजूद महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार भाजपा विजय कुमार गावित पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। लगातार चार महीने से मामले को दबा रही भाजपा पर अब विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी इस मामले को लेकर हमलावर हो गए हैं। विपक्ष के लगातार शोर के बावजूद महाराष्ट्र सरकार मामले पर टस से मस नहीं हो रही है।

 

गौरतलब है कि विजय गावित के खिलाफ़ जांच समिति की रिपोर्ट जनवरी 2017 में महाराष्ट्र सरकार को सौंपी गई थी जिस पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। जांच आयोग की रिपोर्ट को सरकार क्यों सार्वजनिक नहीं कर रही इस सवाल के साथ कांग्रेस के नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। पाटिल ने सरकार से पूछा है कि भाजपाइयों के भ्रष्टाचार को लेकर उसका मापदंड दोहरा तो नहीं?

 

याचिकाकर्ता गुलाबराव पवार के वकील राजेन्द्र रघुवंशी ने याद दिलाया है कि आदिवासी कल्याण विभाग के भ्रष्टाचार पर विपक्ष में रहते हुए वे तमाम नेता खूब बोला करते थे जो आज सत्ता पक्ष में हैं। बता दें कि महाराष्ट्र सरकार में विपक्ष में रहते हुए बीजेपी ने विजय गावित से इस्तीफे की मांग की थी लेकिन आज की तारीख में वही गावित बीजेपी को पाक-साफ नजर आ रहे हैं।

Courtesy: nationaldastak

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