सहारनपुर: दलितों के घर से अब भी निकल रहा है धुआं, सरकार ने 15 लाख मुआवजा ठाकुरों को दे दिया

सहारनपुर: दलितों के घर से अब भी निकल रहा है धुआं, सरकार ने 15 लाख मुआवजा ठाकुरों को दे दिया

सहारनपुर। सहारनपुर के शब्बीरपुर में दलितों के घरों को आग लगे दस दिन से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन उनके घरों से धुआं अब भी निकल रहा है। यह जानकारी वहां से दौरा कर लौटे दलित कार्यकर्ता जिग्नेश मेवानी ने अपनी फेसबुक वॉल पर साझा की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि वे जेएनयू की छात्रा शेहला रशीद और रजा हैदर के साथ सहारनपुर पहुंचे जहां उन्होंने दलितों के घरों का मुआयना किया। वहां देखा कि घटना के 11 दिन के बाद भी दलितों के जले हुए आशियानों से धुआं निकल रहा है।

जानकारी साझा करते हुए उन्होंने लिखा है कि गर्भवती दलित महिला पर तलवार से वार किया गया, एक मासूम बच्चे को आग के हवाले करने की कोशिश की गई। एक नई नवेली दुल्हन की चूड़ियां और कपड़ो के साथ जला दिए गए सपने और एक भैंसा को भी आग लगाई गई थी।

बावजूद इन सब के मुआवजे के 15 लाख मिले उस ठाकुर को जो दलितों पर हमला करनेवाली टोली में मची भगदड़ में मर गया। और दलितों की भीम आर्मी को मिला खिताब ‘नक्सली’ होने का।

आपको बता दें कि प्रशासन और मीडिया दोनों ही 5 मई को ठाकुरों द्वारा मचाए गए उत्पात, आगजनी और तलवारबाजी पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। 9 मई को दलितों के समर्थन में उतरे भीम आर्मी नाम के संगठन को टार्गेट किया जा रहा है। 5 तारीख की घटना में सिर्फ 10 ठाकुरों की गिरफ्तारी की गई जबकि 7 दलितों को गिरफ्तार किया गया। वहीं सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की आड़ में भीम आर्मी के 32 युवाओं को गिरफ्तार किया गया है।

लॉ एंड ऑर्डर का हवाला देकर पूर्ण बहुमत में यूपी में सरकार बनाने वाली बीजेपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहारनपुर को थामने में नाकाम नजर आ रहे हैं। यहां महीनेभर में हुए तीन संघर्ष इस बात की तस्दीक करते हैं। भीम आर्मी के नक्सली कनेक्शन न मिलने के बावजूद भी खंगाले जा रहे हैं वहीं दलितों के पास खाने के भी लाले पड़े हुए हैं। उनके चारे में आग लगा दी गई है, खाने का अनाज भी जला दिया गया है।

Courtesy: nationaldastak

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