मोदी-योगी संविधान को हटाकर मनुस्मृति लागू करना चाहते हैं: जिग्नेश मेवानी

मोदी-योगी संविधान को हटाकर मनुस्मृति लागू करना चाहते हैं: जिग्नेश मेवानी

मेरठ। दलित नेता जिग्नेश मेवानी ने सोमवार को कहा कि सहारनपुर में हाल में हुई हिंसा, सांप्रदायिक दंगों जैसे कृत्यों के लिए आरएसएस और बीजेपी जिम्मेदार थे क्योंकि उन्होने कोई निवारक उपाय नहीं किए थे।

 

मेवानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, जब जुलूस निकाला जा रहा था तो पुलिस और प्रशासन को कदम उठाना चाहिए था। लेकिन कुछ भी नहीं किया गया और अब दलितों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होने आगे कहा, यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संविधान के स्थान पर मनुस्मृति को बदलना चाहते हैं।

 

नौ राज्यों के दलित नेताओं की एक टीम सहारनपुर में हुई हिंसा की घटनाओं पर तथ्य़ खोजने के मिशन पर है जिसमें महीने इस क्षेत्र में महाराणा प्रताप जयंती पर जुलूस के दौरान दलित और ठाकुरों के बीच का संघर्ष शामिल है।

 

मेवानी ने कहा, अगर 20 अप्रैल को पहले संघर्ष के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाता तो दूसरी घटना नहीं होती। महाराणा प्रताप जयंती के जुलूसे के दौरान पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यह राज्य प्रोयोजित अत्याचार है। हम इस मामले में एक न्यायिक जांच या एक एसआईटी की मांग करते हैं।

 

दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ के अशोक भारती भी इस तथ्य खोजी टीम का हिस्सा हैं। उन्होने कहा, 20 अप्रैल की घटना में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी। इसके बजाय जिस एसएसपी ने भाजपा सांसद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी उसे ट्रांसफर कर दिया गया। इससे एक मैसेज भी बाहर लोगों के बीच पहुंचा जिससे कारण 5 मई की घटना हुई।

Courtesy: nationaldastak.

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