GST काउंसिल मीटिंग: आज तय होगा सर्विसेज, गोल्‍ड, बिस्किट, फुटवेयर पर टैक्‍स रेट

GST काउंसिल मीटिंग: आज तय होगा सर्विसेज, गोल्‍ड, बिस्किट, फुटवेयर पर टैक्‍स रेट
नई दिल्‍ली. गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स (जीएसटी)  काउंसिल की मीटिंग का शुक्रवार को दूसरा दिन है। काउंसिल आज सर्विसेज और गोल्‍ड जैसी कीमतों धातुओं पर टैक्‍स रेट का फैसला करेगी। इसके अलावा, बिस्किट्स, बासमती जैसे पैकेज्‍ड अनाज पर भी टैक्‍स रेट तय होंगे। केंद्र सरकार ने 4 फीसदी रेट का प्रपोजल रखा है लेकिन केरल जैसे कुछ राज्‍य इसे 5 फीसदी के स्‍लैब में रखना चाहते हैं।
– काउंसिल की मीटिंग में आज छूट वाले आइटम्स की लिस्ट तय होने की उम्मीद है। अभी 299 चीजों को एक्साइज और 99 को राज्यों के वैट से छूट मिली हुई है।
– बिस्किट्स और फुटवेयर के मामले में कुछ राज्‍य और इंडस्‍ट्री लो प्राइज वाले वाले प्रोडक्‍ट के लिए छूट या लोवर टैक्‍स स्‍लैब की व्‍यवस्‍था चाहते हैं।
– बता दें, काउंसिल ने गुरुवार को जीएसटी के 7 नियमों को अंतिम रूप दे दिया। ये नियम रजिस्ट्रेशन, रिफंड, कम्पोजिशन, इनवॉयस, पेमेंट, इनपुट टैक्स क्रेडिट और वैल्यूएशन से संबंधित हैं।
– रिटर्न और ट्रांजिशन से जुड़े नियमों पर फैसला नहीं हो सका। इसे लीगल कमेटी को सौंपा गया है।
सर्विसेज पर टैक्‍स रेट अहम
– जीएसटी काउंसिल सर्विसेज पर क्‍या टैक्‍स रेट तय करती है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
– सर्विसेज टैक्‍सेशन के संबंध में कुछ राज्‍य टेलिकॉम, बैंकिंग जैसी कॉमन सर्विसेज को लोवर स्‍लैब में रखने के पक्ष में हैं। अभी सर्विस टैक्‍स रेट 15 फीसदी है।
– जीएसटी स्‍लैब रेट 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी है।
– ऐसा मानना है कि कॉमन सर्विसेस को 18 फीसदी के स्‍लैब में रखने आम आदमी को झटका लगेगा।
पहले दिन 1205 आइटम्‍स पर तय हुए रेट
– श्रीनगर में चल ही जीएसटी काउंसिल की मीटिंग पहले दिन गुरुवार 1205 आइटम्स के रेट तय किए। इसकी लिस्‍ट देर रात 11 बजे जारी की गई।
– काउंसिल ने दूध, दही, अनाज जैसी चीजों को टैक्स के दायरे से बाहर रखा है। कोयले पर 11.69 की जगह अब 5% टैक्स लगेगा। माना जा रहा है कि इससे बिजली सस्ती होगी।
– एसयूवी, सेडान और लग्जरी कारों की कीमतों में कमी आएगी। वहीं, छोटी कारें हो जाएंगी महंगी। साबुन-टूथपेस्ट जैसी रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी सस्ती होंगी।
– सॉफ्ट ड्रिंक्स और कारों पर 28% टैक्स रेट लागू होगा। कारों पर सेस भी लगेगा। एसी, फ्रिज भी 28% टैक्स दायरे में रखे गए हैं। जीवन रक्षक दवाएं 5% की श्रेणी में रखी गई हैं।
– इस लिस्ट के मुताबिक 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजें, जैसे हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट भी सस्ते होंगे। इन पर सिर्फ 18% टैक्स लगेगा। यह अब तक एक्साइज और वैट मिलाकर 22 से 24% तक था।
– चीनी, चाय, कॉफी (इंस्टेंट नहीं) और खाद्य तेल पर 5% टैक्स रेट लागू होगा। इन पर मौजूदा रेट भी इसी के आसपास है।
क्या है GST?
– GST का मतलब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्‍स है। इसको केंद्र और राज्‍यों के 17 से ज्‍यादा इनडायरेक्‍ट टैक्‍स के बदले में लागू किया जाएगा। यह देशभर में किसी भी गुड्स या सर्विसेज की मैन्‍युफैक्‍चरिंग, बिक्री और इस्‍तेमाल पर लागू होगा।
– इससे एक्‍साइज ड्यूटी, सेंट्रल सेल्स टैक्स (सीएसटी), स्टेट के सेल्स टैक्स यानी वैट, एंट्री टैक्स, लॉटरी टैक्स, स्टैंप ड्यूटी, टेलिकॉम लाइसेंस फीस, टर्नओवर टैक्स, बिजली के इस्तेमाल या बिक्री और गुड्स के ट्रांसपोर्टेशन पर लगने वाले टैक्स खत्म हो जाएंगे।
– सरल शब्‍दों में कहें ताे जीएसटी पूरे देश के लिए इनडायरेक्‍ट टैक्‍स है, जो भारत को एक समान बाजार बनाएगा। जीएसटी लागू होने पर सभी राज्यों में लगभग सभी गुड्स एक ही कीमत पर मिलेंगे। अभी एक ही चीज के लिए दो राज्यों में अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ती हैं। इसकी वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले टैक्स हैं। इसके लागू होने के बाद देश बहुत हद तक सिंगल मार्केट बन जाएगा।
चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा भारत 
– 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद भारत ‘वन नेशन, वन टैक्‍स’ वाला मार्केट बन जाएगा।
– जीएसटी के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जहां जीएसटी लागू है।
– फ्रांस ने सबसे पहले 1954 में जीएसटी को लागू किया था।
– उसके बाद से जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया, जापान, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे एक दर्जन से अधिक देशों ने जीएसटी लागू किया है।
– चीन ने 1994 में और रूस ने 1991 में जीएसटी लागू किया।
– सऊदी अरब की योजना 2018 से जीएसटी लागू करने की है।
Courtesy: Bhaskar
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