सरकार को किसानों की नहीं चिंता, सिर्फ अमीरों के कर्ज माफ किए: वरुण गांधी

सरकार को किसानों की नहीं चिंता, सिर्फ अमीरों के कर्ज माफ किए: वरुण गांधी

इलाहाबाद। बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित संगोष्ठी न्याय का वास्तविक अर्थ में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भाजपा सांसद वरुण गांधी ने कहा कि सरकारों ने सिर्फ अमीरों के कर्ज ही माफ किए हैं। उनको गरीब किसानों के कर्ज की चिंता नहीं है। गांधी ने कहा, जब हम अन्याय की बात करते हैं तो तमिलनाडु के उन किसानों को कैसे भूल सकते हैं, जो दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

 
किसानों की दशा पर चिंता जताते हुए उन्होने कहा,  वर्ष 2001 से अब तक की सरकारों ने 2,96000 करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए हैं, जिसमें से 2,20000 करोड़ रुपये सिर्फ देश के 30 व्यापारिक घरानों के कर्ज हैं। क्या यही न्याय है। भाजपा सांसद ने कहा, देश में 70 लाख बाल श्रमिक हैं। हम न्याय की बात कैसे कर सकते हैं, जब देश की एक तिहाई आबादी गरीबी रेखा से नीचे है। देश की एक फीसदी आबादी का 61 प्रतिशत संसाधनों पर कब्जा है और 90 प्रतिशत लोगों के हिस्से में 14 प्रतिशत संसाधन आते हैं।

 

भाजपा सांसद ने इस दौरान वादा किया कि वह इलाहाबाद में गरीबों के लिए 100 आवास बनवाएंगे। सामाजिक असमानता और महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों में देरी से मिलने वाले न्याय पर वरुण ने कई दृष्टांत सुनाए। उन्होने कहा कि वकीलों का जीवन एक तपस्या है। अधिवक्ता  स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक समाज की बेहतरी के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। वे राजनीति में किसानों, महिलाओं और युवाओं की लड़ाई लड़ने आए हैं।

 

 

संगोष्ठी के विशिष्टि अतिथि बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने कहा कि न्याय को लेकर आज अधिवक्ताओं में आक्रोश उभर रहा है। अधिवक्ता का विद्वान होना आवश्यक है। वह लोक सभा अध्यक्ष और सांसद वरुण गांधी को पत्र लिखकर सर्वोच्च न्यायालय की तीन पीठों के गठन की मांग करेंगे, जिसमें से एक पीठ इलाहाबाद में होनी चाहिए।

 

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने कहा कि मोतीलाल नेहरू और जवाहर लाल नेहरू के बाद वरुण गांधी इस परिवार के तीसरे सदस्य हैं, जो इलाहाबाद हाईकोर्ट आए। मोतीलाल नेहरू और जवाहर लाल नेहरू की वह कुर्सिंयां बार ने सुरक्षित रखी हैं, जिन पर वह बैठा करते थे।

 

 

कार्यक्रम में वरिष्ठ उपाध्यक्ष मंगला प्रसाद त्रिपाठी, राहुल कुमार पांडेय, अमित कुमार, अजय कुमार मिश्र, आशीष कुमार मिश्र, असलम अली सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे। इस मौके पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने 50 साल से वकालत कर रहे 26 अधिवक्ताओं को सम्मानित किया है।

Courtesy: nationaldastak.

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