दिल्ली सरकार के कथित घोटालों से संबंधित दस्तावेजों की प्रदर्शनी लगाएंगे कपिल मिश्रा

दिल्ली सरकार के कथित घोटालों से संबंधित दस्तावेजों की प्रदर्शनी लगाएंगे कपिल मिश्रा

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार से बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा, आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार और पार्टी के कथित ‘घोटालों’ से संबधित दस्तावेजों की प्रदर्शनी 3 जून को लगाएंगे. मिश्रा ने इसकी जानकारी अपने ब्लॉग पर दी है. उन्होंने पार्टी और दिल्ली सरकार में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ‘चुप्पी’ पर सवाल उठाए हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘केजरीवाल ने दिल्ली के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री असीम अहमद खान को सिर्फ एक ऑडियो के आधार पर बर्खास्त कर दिया था. हमलोग खुश थे कि उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई. आज केजरीवाल को दोषी ठहराने के लिए काफी दस्तावेज हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि असीम और केजरीवाल तथा सतेंद्र जैन के लिए अलग-अलग नियम हैं.’’ यह प्रदर्शनी कांस्टीट्यूशन क्लब में तीन जून को लगाई जाएगी.

आम आदमी पार्टी से नहीं निकाले जाएंगे कपिल मिश्रा

आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर लगातार हमला बोल रहे दिल्ली के बर्खास्त मंत्री कपिल मिश्रा को संभवत: पार्टी से निष्कासित नहीं किया जाएगा. आम आदमी पार्टी के सूत्रों ने बताया कि पार्टी से निकालने पर बागी विधायक को किसी अन्य पार्टी में शामिल होने या दिल्ली विधानसभा में अलग समूह बनाने का मौका मिल जाएगा और पार्टी ऐसा नहीं चाहती है. हालांकि सदन में आप के पास पूर्ण बहुमत है.

किसी समय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के विश्वासपात्र रहे कपिल मिश्रा ने उन पर और आप के अन्य नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा. आप ने मिश्रा के आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था.

”AAP की शानदार जीत के बाद पार्टी नेतृत्व का विरोध”

अब तक पार्टी ने पांच विधायकों- कपिल मिश्रा, देविंद्र सेहरावत, अमानतुल्लाह खान और पूर्व मंत्री असीम अहमद खान और संदीप कुमार को निलंबित किया है. इनमें से किसी को भी पार्टी से निकाला नहीं गया है. पांच विधायकों में से ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान को छोड़कर बाकी सभी ने साल 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप की शानदार जीत के बाद पार्टी नेतृत्व का विरोध किया था.

तिमारपुर से पार्टी के विधायक पंकज पुष्कर जो निष्कासित आप नेता और स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव के करीबी माने जाते हैं उन्होंने भी नेतृत्व के खिलाफ अवाज उठाई थी लेकिन उन पर भी कोई विशेष कार्रवाई नहीं हुई. हालांकि उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों से बाहर रखा जाता है.

”…ये विधायक हमारे साथ नहीं”

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘‘हमने अनुशासनहीनता के लिए उन्हें निलंबित किया और लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि ये विधायक हमारे साथ नहीं हैं. लेकिन उन्हें निष्कासित करके हम उन्हें किसी और दल में शामिल होने या दिल्ली विधानसभा में कोई अलग समूह बनाने का मौका नहीं देना चाहते.’’

Courtesy: ABPNews

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