बैंकों का लोन रिकवरी का दावा खोखला निकला

बैंकों का लोन रिकवरी का दावा खोखला निकला

मुंबई
बैंकों ने पिछले वित्त वर्ष में लोन रिकवरी के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए थे, लेकिन वो इसमें असफल साबित हुए हैं। टॉप 10 सरकारी और प्राइवेट बैंकों के ऐनालिसिस से पता चलता है कि ये बैंक पिछले वित्त वर्ष में सिर्फ 47,240 करोड़ रुपये का लोन ही रिकवर कर पाए, जिसमें से 16,000 करोड़ रुपये तो मार्च 2017 तिमाही में रिकवर किए गए। 37 लिस्टेड बैंकों के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग ऐसेट्स मार्च 2017 के अंत तक 7.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गए थे, जबकि मार्च 2016 के अंत में ये 5.71 लाख करोड़ रुपये थे। ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनियों के पास फंड की कमी और जांच एजेंसियों के पीछे पड़ने के डर से लोन रिकवरी का काम ठंडे बस्ते में चला गया है।

एंजेल ब्रोकिंग के सीनियर रिसर्च ऐनालिस्ट सिद्धार्थ पुरोहित ने बताया, ‘जिन ऐसेट्स के आधार पर लोन दिया गया था, उनका परफॉर्मेंस अच्छा नहीं है। इसलिए लोन रिकवरी और अपग्रेडेशन में समय लगेगा।’ उन्होंने बताया, ‘वित्त वर्ष 2018 में भी अधिक लोन रिकवरी नहीं हो पाएगी, लेकिन केस टु केस बेसिस पर कुछ रिकवरी हो सकती है।’

सरकारी बैंकों में पीएनबी और केनरा बैंक का रेकॉर्ड ही लोन रिकवरी में कुछ अच्छा रहा है। पीएनबी ने 10,677 करोड़ रुपये और केनरा बैंक ने 10,017 करोड़ रुपये की लोन रिकवरी वित्त वर्ष 2017 में की है। एसबीआई ने पिछले वित्त वर्ष में 5,197 करोड़ रुपये का लोन रिकवर किया। वहीं, 31 मार्च 2017 तिमाही में बैंक ने 1,203 करोड़ रुपये की लोन रिकवरी की, जो दिसंबर 2016 तिमाही के 1,003 करोड़ रुपये से कुछ ही अधिक है। उसने वित्त वर्ष 2016 में 1,627 करोड़ रुपये का लोन रिकवर किया था। बैंक ऑफ बड़ौदा तीसरा बड़ा सरकारी बैंक है और उसने वित्त वर्ष 2017 में 4,598 करोड़ रुपये का लोन रिकवर किया। वहीं, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 2,378 करोड़ रुपये और यूनियन बैंक ने 1,388 करोड़ रुपये का लोन रिकवर किया।

क्रेडिट सुइस के ऐनालिस्ट आशीष गुप्ता ने बताया, ‘सरकार और आरबीआई के हालिया कदम से स्ट्रेस्ड ऐसेट्स रेजॉलूशन की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, इन लोन के लिए सिर्फ 30 प्रतिशत की प्रोविजनिंग की गई है। इस मामले में प्रोग्रेस के लिए बैंकों को अडिशनल फंड की जरूरत पड़ेगी। रेकग्नाइज्ड ऐसेट्स पर 3-9 साल के ऑपरेटिंग प्रॉफिट के बराबर प्रोविजनिंग की जरूरत पड़ सकती है।’ प्राइवेट बैंकों में ऐक्सिस बैंक का प्रदर्शन आईसीआईसीआई बैंक से बेहतर रहा है। ऐक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2017 में 4,367 करोड़ रुपये का लोन रिकवर किया, वहीं आईसीआईसीआई बैंक के लिए यह आंकड़ा 2,538 करोड़ रुपये रहा।
Courtesy: NBT
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