योगी के पुलिस की अनदेखी से तंग आकर जेवर गैंगरेप पीड़ितों ने की खुदकुशी की कोशिश

योगी के पुलिस की अनदेखी से तंग आकर जेवर गैंगरेप पीड़ितों ने की खुदकुशी की कोशिश

लखनऊ। कानून व्यवस्था की बात कहकर यूपी की सत्ता में आई योगी आदित्यनाथ की सरकार में लोगों का जीना दूभर हो गया है। हमेशा महिला सुरक्षा की बात करने वाली योगी सरकार अपने रवैये के लेकर कितनी गंभीर है यह इसी से पता चलता है कि जेवर गैंगरेप के दस दिन होने के बाद भी एक भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। जिससे आहत होकर रेप पीड़ित महिलाओं ने खुदकुशी करने की कोशिश की।
खबर के अनुसार, यूपी के जेवर-बुलंदशहर हाईवे पर 24 मई को जिन महिलाओं के साथ गैंग रेप हुआ था, उनमें से तीन ने खुदकुशी की कोशिश की। कार चालक की पत्नी ने गले में फंदा डालकर, जबकि वारदात के दौरान मारे गए स्क्रैप व्यापारी की बहन और भाभी ने केरोसिन डाल कर खुदकुशी करने की कोशिश की। हालांकि परिजनों की सजगता ने तीनों को बचा लिया गया। दरअसल, महिलाओं ने यह कदम आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और प्रशासन की अनदेखी से आहत होकर उठाया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभी एक सप्ताह पहले ही घटना की शिकार महिलाओं और उनके परिवार वालों से मुलाकात की थी। उन्हें पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया था। मृतक की विधवा को पेंशन और उनके पिता को वृद्धावस्था पेंशन देने का वादा किया गया। पुलिस को जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा कर आरोपियों तक पहुंचने की हिदायत दी गई। इसके बावजूद पुलिस का रवैया ढीला रहा। पुलिस ने तो इन महिलाओं के साथ सामूहिक दुष्कर्म होने की बात से ही इनकार कर दिया है।

 
इस बीच, महिलाओं और उनके परिवार वालों के लिए जीना दूभर हो चुका है। अपराधियों को पकड़ने में गंभीरता न दिखाने से निराश इन महिलाओं ने खुदकुशी की कोशिश की। वारदात के दस दिन बाद भी एक भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। जो लोग दोषियों को गिरफ्तार करने और सजा देने की मांग कर रहे हैं उन पर इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया जा रहा है।

Courtesy: nationaldastak

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