लखनऊ में 20 पेट्रोल पंप पर छापा, पांच मशीनें सील

लखनऊ  पेट्रोल पंपों पर लगातार गड़बड़ियां मिलने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को भी प्रशासन की टास्क फोर्स ने अलग-अलग इलाकों में पेट्रोल पंपों पर छापा मारकर पांच डिस्पेंसर यूनिट और एक नॉजिल सील कर दिए। जांच के दौरान दो पंपों पर घटतौली मिली तो अन्य में छेड़छाड़ पायी गई।

एडीएम आपूर्ति आशुतोष अग्निहोत्री के निर्देश पर 10 टीमों ने एक साथ शहर के विभिन्न पंपों पर छापा मारा। सोमवार को एक भी पंप पर जांच टीमों को गड़बड़ी नहीं मिलने पर प्रशासन ने रणनीति में बदलाव करते हुए एसटीएफ की मदद मांगी। इसका असर देखने को मिला और कई पंपों पर गड़बड़ी पकड़ी गई। एडीएम के मुताबिक कलावती सर्विस स्टेशन शहीद पथ सुलतानपुर रोड पर दो नॉजिल के पल्सर पर टेंपरिंग पायी गई। एक नॉजिल में पांच लीटर में 270 मिलीलीटर की कमी पायी गई।

प्रशासन ने पंप पर दो नोजल सील कर दी। मोहनलालगंज के आशा सर्विस स्टेशन पर अतिरिक्त वायर पाया गया। वायर और पल्सर के साथ डिस्पेंसर यूनिट को सील कर दिया। बख्शी का तालाब में शिवानी यादव के एसके पंप पर जांच टीम को टेंपरिंग मिली, एक डिस्पेंसर यूनिट सील कर दी गई। मलिहाबाद सर्विस स्टेशन पर भी गड़बड़ी मिली जिसके बाद एक डिस्पेंसर यूनिट को सील कर दिया गया। तेलीबाग में रामलाल एंड संस में एक नॉजिल में 60 मिली की कमी मिलने पर नोजिल सील कर दिया।

जिम्मेदार महकमों पर फिर उठे सवाल: इसे महज संयोग कहें या कुछ और। एसटीएफ के जांच में मदद लेते ही पेट्रोल पंपों पर गड़बड़ी मिलने लगी। सोमवार को ही प्रशासन द्वारा गठित टास्क फोर्स ने 20 पंपों को क्लीन चिट दी थी। बाट-माप और तेल कंपनियों के जिम्मेदार अफसर पहले से ही संदेह के घेरे में हैं, ऐसे में निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

तत्काल होगी कार्रवाई: अपर जिलाधिकारी आपूर्ति आशुतोष अग्निहोत्री का कहना है कि एसटीएफ से मदद ली जा रही है, लेकिन ऐसा नहीं है कि प्रशासन की टीमें सही काम नहीं कर रही हैं। जहां पर भी गड़बड़ी मिली है उसे तत्काल सीज किया जा रहा है।

Courtesy: Jagran.com

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