ग्रुप डी के कर्मचारियों से भी कम है किसानों की आमदनी: नीतीश

ग्रुप डी के कर्मचारियों से भी कम है किसानों की आमदनी: नीतीश

पटना.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि किसानों की आमदनी ग्रुप डी के कर्मचारियों से भी कम है। खेती की लागत बढ़ गई है। उत्पादन अधिक हो रहा है, लेकिन किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। इसके चलते आमदनी कम हो गई है। सिर्फ कर्ज माफ करने से नहीं होगा किसानों का कल्याण

– लोक संवाद कार्यक्रम में नीतीश ने कहा कि किसानों के कर्ज माफ करने की बात हो रही है। क्या सिर्फ वे किसान संकट में हैं, जिन्होंने कर्ज लिया है? क्या वे संकट में नहीं हैं, जिन्होंने कर्ज नहीं लिया?

– कहा जा रहा है कि कर्ज माफ करने से किसानों का संकट दूर हो जाएगा।

– सिर्फ कर्ज माफ कर देने से किसानों का संकट दूर नहीं होगा। जिन किसानों ने कर्ज लिया है और जिन्होंने नहीं लिया है सभी के संकट दूर करने के प्रयास किए जाने चाहिए।

– बिहार में वैसे भी लोग कम कर्ज लेते हैं। दूसरे राज्यों में लोग ज्यादा कर्ज लेते हैं।

बढ़ गई है खेती की लागत

– मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती की लागत बढ़ गई है। आज पहले की अपेक्षा उत्पादन अधिक हो रहा है और खेती करने में किसानों को पैसे भी ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं।

– दूसरी और बढ़े हुए खर्च के अनुपात में किसानों को फसलों की सही कीमत नहीं मिल रही है।

– यही कारण है कि किसान सब्जियों को कभी सड़क पर फेंकने को विवश हो जाते हैं तो कभी खेत में ही छोड़ देते हैं।

लागत से 50 फीसदी अधिक मिले समर्थन मूल्य
– नीतीश ने कहा कि सिर्फ कृषि मंत्रालय बना देने से किसानों का कल्याण नहीं होने वाला है। इसके किए केंद्र सरकार को राष्ट्र व्यापी पहल करनी होगी।

– हमारे संसाधन सीमित हैं, लेकिन हमारे पास जितना है उतने में किसानों के लिए काम कर रहे हैं।

– किसानों को उनकी लागत से 50 फीसदी अधिक समर्थन मूल्य मिलनी चाहिए।

संकट से गुजर रहा है देश
– नीतीश ने कहा कि देश आज संकट के दौड़ से गुजर रहा है। किसान आंदोलन कर रहे हैं। केंद्र सरकार को किसानों से किया गया वादा पूरा करना चाहिए।

मैं बिहार में फिर से चुनाव कराने को तैयार हूं

– रविवार को उत्तरप्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि आज बिहार में अगर चुनाव हो जाए तो भाजपा की सरकार बनेगी।

– इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मैं इसके लिए तैयार हूं।

– मैं बिहार में चुनाव कराने को तैयार हूं, लेकिन एक शर्त है। बिहार के साथ उत्तरप्रदेश में भी चुनाव होना चाहिए। इसके साथ ही बिहार और उत्तरप्रदेश से चुने गए सांसदों का भी फिर से चुनाव होना चाहिए। देख लेते हैं कौन जीतता है।

Courtesy: Bhaskar

 

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