चीन का नया पैंतरा : कोई मुलाकात तय नहीं, फिर भी कहा – पीएम मोदी से नहीं मिलेंगे चिनफिंग

चीन का नया पैंतरा : कोई मुलाकात तय नहीं, फिर भी कहा – पीएम मोदी से नहीं मिलेंगे चिनफिंग

नई दिल्ली: सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर लम्बे समय से जारी विवाद के दौरान चीन ने नया पैंतरा दिखाते हुए कहा है कि जी-20 सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच द्विपक्षीय औपचारिक मुलाकात के लिए ‘माहौल उपयुक्त नहीं है’, जबकि ऐसी कोई मुलाकात पहले से तय थी ही नहीं.

इस बयान से चीन यह जताना चाह रहा है कि भारत इस समय चीनी राष्ट्रपति से द्विपक्षीय मुलाकात का इच्छुक है, और चीन की मंशा मुलाकात करने की नहीं है, जबकि जी-20 सम्मेलन के दौरान मुख्य सम्मेलन से इतर ब्रिक्स देशों के प्रमुखों के बीच बैठक की बात तो कही गई थी, लेकिन भारत-चीन के नेताओं के बीच अलग से किसी औपचारिक या अनौपचारिक मुलाकात का कोई प्रस्ताव कभी नहीं दिया गया था, या कभी ऐसी कोई मुलाकात तय नहीं की गई थी.

भारत और चीन के अलावा ब्राज़ील, रूस और दक्षिण अफ्रीका की सदस्यता वाले संगठन ब्रिक्स के राष्ट्रप्रमुखों के बीच बैठक होने की स्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को उसमें भाग लेना लाज़िमी होगा. ब्रिक्स नेताओं के बीच सामूहिक बैठक नहीं होगी या रद्द कर दी गई है, ऐसी जानकारी अभी नहीं मिली है, सो, अगर बैठक होती है, तो दोनों राष्ट्रप्रमुख बाकी ब्रिक्स देशों के प्रमुखों के साथ एक ही कमरे में होंगे, लेकिन सवाल यही है कि क्या दोनों एक दूसरे की तरफ कदम बढाएंगे…?

वैसे इस सामूहिक बैठक से इतर दोनों राष्ट्रप्रमुखों के बीच मुलाकात सिर्फ उसी स्थिति में मुमकिन है, जब यही दोनों नेता एक दूसरे से मिलना चाहेंगे.

हैम्बर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के बारे में पूछे जाने पर आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है. वह जी-20 सम्मेलन में शिरकत के लिए 6 से 8 जुलाई तक हैम्बर्ग में होंगे. सम्मेलन से इतर उनकी अर्जेंटीना, कनाडा, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, यूके तथा विएतनाम के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें पहले से तय हैं. इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री ब्रिक्स नेताओं की बैठक में शिरकत करेंगे.

Courtesy:NDTV 

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