इंडिया टुडे का खुलासाः जब जिनपिंग से मिल रहे थे मोदी, डोकलाम में बंकर तोड़ रहे थे चीनी सैनिक

इंडिया टुडे का खुलासाः जब जिनपिंग से मिल रहे थे मोदी, डोकलाम में बंकर तोड़ रहे थे चीनी सैनिक

भारत और चीन के बीच पिछले कुछ दिनों से तनातनी जारी है. सिक्किम, भूटान बॉर्डर पर लगातार दोनों देशों के सैनिकों में तनाव है. इस बीच दोनों देशों से जुड़ा एक बड़ा खुलासा हुआ है. आजतक की सहयोगी इंडिया टुडे मैगजीन की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन और भारत के बीच ये तनाव हाल ही में शुरू नहीं हुआ है, बल्कि ये तनाव 8 जून को ही शुरू हो गया था. चीनी सैनिकों ने शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के चंद घंटों पहले ही डोकलाम में बंकर तोड़ रहे थे.

8 जून की रात को चीन पीपुल लिबरेशन आर्मी ने घुसपैठ करते हुए रॉयल भूटान आर्मी के द्वारा बनाए गए बंकरों को तहस-नहस कर दिया. साफ है कि चीन पिछले काफी लंबे समय से इस हिस्से पर अपना अधिकार जमाना चाहता है, और ये हिस्सा ही भारत-चीन-भूटान के बीच आता है. जिसका भारत बचाव करता है.

चीन की ओर से ये बंकर अस्ताना में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात से पहले ही तोड़े गए थे. दोनों की मुलाकात के बाद भारत के विदेश सचिव एस. जयशंकर ने भी कहा था कि हमारे बीच इतनी समझ है कि हम अपने मतभेदों को बड़े विवाद का रूप ना लेने दें.

पहले भी हुआ था ऐसा

यह पहली बार नहीं था कि जब चीन की सेना ने दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान ही इस तरह की हरकत की हो. इससे पहले चीन के राष्ट्रपति जब सितंबर 2014 में भारत के दौरे पर थे उस समय LAC में लद्दाख के चुमार और डेमचौक इलाके में घुसपैठ की थी. उस समय चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात में थे और अहमदाबाद में झूला झूलने वाली तस्वीर काफी कुछ कह रही थी.

वहीं 16 जून की कार्रवाई से पहले डोकलाम में भूटान को चीन के षडयंत्र का पता चला. उसके दो दिन बाद भारतीय सेना ने इस मुद्दे के बीच में आई और इस घटना से दोनों देशों के संबंध बिगड़ने शुरू हुए.

अभी सीमा पर क्या हैं हालात?

भारतीय सीमा में अवैध घुसपैठ और उसके बाद नक्शे में सिक्किम को अपना हिस्सा बताने पर चीन के साथ तनाव के हालात चरम पर हैं. भारत ने एक ओर कहा कि हम 1962 वाले हालात में नहीं है, चीन हमें कमजोर नहीं समझें. वहीं चीन ने कहा- हमें भी 1962 वाला चीन मत समझिए. चीनी मीडिया ने कहा- हम अपनी जमीन बचाने के लिए जंग के स्तर तक भी जा सकते हैं. इस इलाके में दोनों तरफ सैनिक भेजे गए हैं. यहां भारत ने डोकाला में जो सैनिक भेजे हैं, उन्हें नॉन काम्बैटिव मोड में तैनात किया गया है.

Courtesy:Aajtak 

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