GST में अभी भी 50% कारोबारियों ने नहीं लिया परमानेंट रजिस्ट्रेशन, सरकार भेजेगी अलर्ट

GST में अभी भी 50% कारोबारियों ने नहीं लिया परमानेंट रजिस्ट्रेशन, सरकार भेजेगी अलर्ट
नई दिल्ली। भले ही जीएसटी लागू हो गया है लेकिन अभी भी 50 फीसदी कारोबारी परमानेंट रजिस्ट्रेशन के बिना ही कारोबार कर रहे हैं। ऐसे कारोबारियों को अब सरकार अलर्ट भेजने की तैयारी कर रही है। जिससे कि वह जल्द से जल्द परमानेंट रजिस्ट्रेशन करा ले। इसके लिए सरकार एसएमएस और ई-मेल के जरिए अलर्ट भेज रही है।
37 लाख ने नहीं लिया परमानेंट रजिस्ट्रेशन
फाइनेंस मिनिस्ट्री से मिली जानकारी के अनुसार जीएसटी लागू होने के बाद अब तक 67 लाख कारोबारियों ने प्रॉविजिनल आईडी ली है। जिसके जरिए वह बिजनेस कर रहे हैं। इसमें से करीब 30 लाख कारोबारियों ने अपना परमानेंट रजिस्ट्रेशन करा लिया है। लेकिन अभी भी 37 लाख कारोबारी ऐसे हैं, जिन्हें परमानेंट रजिस्ट्रेशन कराना था। अधिकारी के अनुसार सरकार ऐसे लोगों को अलर्ट भेज रही है। जिससे जल्द से जल्द लोग परमानेंट रजिस्ट्रेशन करा सकें।
90दिन ही कर सकेंगे बिजनेस
अगर आपने प्रॉविजिनल आईडी ले रखी है, तो उसे 90 दिन के अंदर परमानेंट रजिस्ट्रेशन में कन्वर्ट कराना जरूरी है। यानी आपको फाइनल GSTIN लेना होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो बिजनेस नहीं कर पाएंगे। इसीलिए सरकार प्रॉविजिनल आईडी ले चुके कारोबारियों को अलर्ट भेजकर उन्हें जल्द से जल्द परमानेंट रजिस्ट्रेशन कराने को कह रही है।
देनी होगी ये जानकारी
प्रॉविजनल आईडी लेने के लिए कारोबारी को केवल अपनी बेसिक डिटेल देनी होती है। जिसमें नाम, पैन, ई-मेल आईडी आदि की जानकारी देनी होती है। जबकि परमानेंट रजिस्ट्रेशन यानी GSTIN लेने के लिए उसे अपने बिजनेस डिटेल जानकारी, प्रमोटर्स की पूरी जानकारी, बैंक अकाउंट डिटेल और प्रमुख रुप से गुड्स और सर्विसेज की डिटेल देनी होती है। जिसके सपोर्ट में जरूरी डॉक्युमेंट्स भी देने होते हैं। जिसके बाद GSTIN मिलता है।
इनके लिएGSTINजरूरी नहीं
जीएसटी में सालाना 20 लाख रुपए तक टर्नओवर करने वाले कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी नहीं है। हालांकि सरकार के इस नियम के बावजूद देश के कई इलाकों में छोटे कारोबारियों के लिए बिजनेस करना मुश्किल हो गया है। जिसका असर देश की बड़ी होलसेल मार्केट बिजनेस ठप होने के रूप में दिख रहा है। दिल्ली स्थित कपड़ा कारोबारी कारोबारी सुरेश बिंदल ने moneybhaskar.com को बताया कि अब कारोबारी न ही गुजरात, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश से माल खरीद पा रह हैं और न ही दिल्ली एनसीआर, यूपी, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश तक स्टॉक भिजवा पा रहे हैं। क्योंकि कपड़ा ट्रेडर्स से कारोबारी जीएसटीएन नंबर मांग रहे हैं। वह कारोबारी नहीं दे पा रहे हैं। सारा कारोबार ठप हो गया है। इसी तरह सूरत में कारोराबी हड़ताल पर चले गए हैं। कारोबारियों का आरोप है कि बड़े कोराबारी छोटे कारोबारियों से बिना GSTIN के बिजनेस करने से बच रहे हैं।
Courtesy: Bhaskar
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