बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने राजनीतिक फायदे के लिए शेयर की गलत तस्वीर

बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने राजनीतिक फायदे के लिए शेयर की गलत तस्वीर

नई दिल्ली। बीजेपी एक बार फिर धार्मिक सांप्रदायिक्ता की आग पर अपनी राजनीति रोटी सेकने की फिराक में है। फिलहाल पश्चिम बंगाल सांप्रदायिक दंगे की आग में झुलस रहा है जिसका फायदा बीजेपी उठाना चाहती है। दरअसल एक नाबालिग बच्चे द्वारा फेसबुक पर पैगम्बर मुहम्मद साहब के बारे में आपत्तिजनक पोस्ट डाले जाने के बाद से यहां हिंसा भड़की थी। नाबालिग के उस पोस्ट के बाद दंगे शुरू हो गए कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया। उत्तरी 24 परगना स्थित बशीरहाट में हिंसक तनाव पर काबू पाने के लिए धारा 144 लागू की गई जिसके बाद भी हिंसा हुई और प्रदर्शनकारियों ने रास्ते बंद किए। इस पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े हिंसा के दौरान एक शख़्स की मौत भी हुई है।

अब इस मामले में बीजेपी नेता नूपुर शर्मा ने एक ट्वीट कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है। दरअसल नूपुर शर्मा ने पश्चिम बंगाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ लोगों से जंतर मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की थी। नूपुर शर्मा ने इसके लिए एक तस्वीर शेयर की थी जिस पर एक जलते हुई गाड़ी को दिखाया गया था और उसके आस पास दंगाइयों की भीड़ दिखाई गई थी। नूपुर शर्मा के ट्वीट के बाद तमाम ट्विटर यूजर्स ने नूपुर शर्मा की क्लास लगा दी। ट्विटर यूजर्स ने नूपूर शर्मी पर गलत तस्वीर का साहार लेकर नफरत भड़काने का आरोप लगाया है।

बॉलीवुड सिंगर विशाल डडलानी बीजेपी नेत्री नूपुर शर्मा पर जमकर बरसे। नूपुर शर्मा के ट्वीट के जावाब में विशाल ने लिखा ‘2002 के गुजरात दंगे की तस्वीरों का इस्तेमाल बंगाल में सांप्रदायिक नफरत फैलाने के लिए हो रहा है। इस अकाउंट की रिपोर्ट क्यों नहीं की गई/अकाउंट को बंद क्यों नहीं किया गया है।’

आज ही तेलंगाना के बीजेपी विधायक राजा सिंह ने भी पश्चिम बंगाल हिंसा पर बेहद विवादित बयान दिया है। राजा सिंह के पश्चिम बंगाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा के जवाब में 2002 में हुए गुजरात जैसा दंगा कराने की चेतावनी दी है। राजा सिंह ने अपील करते हुए कहा है कि जिस तरह से गुजरात के हिंदुओं ने सांप्रदायिक दंगा करने वालों को जवाब दिया, उसी तरह बंगाल के हिंदुओं को जवाब देने की जरूरत है। उनका सीधा इशारा 2002 में हुए गुजरात दंगे की तरफ था, जिसमें हजारों मुस्लिम मारे गए थे। बीजेपी नेता के इस बायान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गयी है।

राजा सिंह ने कहा है कि, ‘जिस तरह से गुजरात के हिंदुओं ने सांप्रदायिक दंगा करने वाले लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया, उसी तरह से बंगाल के हिंदुओं को भी सांप्रदायिक दंगे करने वालों को जवाब देने की जरूरत है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जिस प्रकार कश्मीर से हिंदुओं को भगाया गया है, उसी प्रकार बंगाल से हिंदुओं को भगा के बांग्लादेश जैसा राज्य ये लोग बना देंगे।’

 

पश्चिम बंगाल के हिंसा पर राजा सिंह से पहले हरियाणा की एक बीजेपी नेत्री विजेता मलिक भी अपना सांप्रदायिक रंग दिखा चुकी हैं। विजेता मलिक हरियाणा राज्य की बीजेपी प्रदेश कार्याकारिणी की सदस्य हैं। दरअसल बीजेपी नेत्री विजेता मलिक ने अपने फेसबुक पर एक फोटो शेयर की थी। फोटो में दिख रहा है कि एक आदमी औरत की साड़ी खींच रहा है। फोटो के साथ विजेता मलिक ने लिखा गया था ‘बंगाल में जो हालात हैं वो हिंदुओं के लिए बहुत बड़ी चिंता का विषय है। हिंदू को ही क्यों मारा जा रहा है और सरेआम उसकी इज्जत के साथ खेला जा रहा है। इस पर कोई कुछ नहीं बोलता और ना ही अवार्ड वापस हो रहा है। ना तो देश छोड़ कर जाने की बात हो रही है और राज्य सरकार भी हाथ पर हाथ रख कर बैठी है।’

विजेता मलिक ने अपने पोस्ट में जिस फोटो को बंगाल की घटना से जोड़ा दरअसल वो भोजपुरी फिल्म की सीन है। फिल्म का नाम “औरत खिलौना नहीं है” जो साल 2015 में आई थी। इसमें अभिनेत्री के रूप में रिंकू घोष ने काम किया है। फोटो को विजेता मलिक ने थोड़ा काट कर लगाया था जिससे कि ये पता न चले की वो फिल्म की तस्वीर है।

Courtesy: nationaldastak.

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