जीएसटी का असर, घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में बीते चार साल में सबसे बड़ी गिरावट

जीएसटी का असर, घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में बीते चार साल में सबसे बड़ी गिरावट

पिछले साल के मुकाबले यह जून घरेलू यात्री वाहन निर्माता कंपनियों के लिए झटका देने वाला हुआ साबित हुआ है. सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स यानी सियाम द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री 11.21 फीसदी घटकर 1,98,399 यूनिट तक पहुंच गयी. पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा 2,23,454 था. घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में आखिरी बड़ी गिरावट मार्च 2013 में दर्ज की गई थी. तब यह 13 फीसदी की थी.

वाहनों की बिक्री में आई इस गिरावट को लेकर जानकारों का कहना है कि जीएसटी को लेकर चल रही अनिश्चितताओं के चलते अधिकतर डीलरों ने गाड़ियों का नया स्टॉक ही नहीं खरीदा. इसके अलावा हाल ही में प्रदूषण मानकों का स्तर बीएस-III से बदलकर बीएस-IV किया जाना भी इस गिरावट के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक इस दौरान खरीददारों ने नए वाहनों के बाजार में आने का इंतजार किया जो इन मानकों पर खरे उतरते हों.

सियाम ने भी इस गिरावट को एक विशेष घटना (जीएसटी) का नतीजा बताया है और जुलाई महीने से वाहनों की बिक्री सामान्य होने की संभावना जताई है. यात्री वाहनों को छोड़ दें तो जून-2017 दोपहिया और व्यावसायिक वाहन निर्माताओं के लिए लाभकारी रहा है. इस महीने दोपहिया वाहनों की बिक्री चार फीसदी बढ़कर 15,27,049 रही जो जून 2016 में 14,68,263 थी. मोटरसाइकिलों की बात करें तो इनकी बिक्री में भी 2.18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है. सियाम की रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान कमर्शियल वाहनों की बिक्री 1.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 56,890 वाहन पहुंच गई.

सियाम के मुताबिक सातवें वेतन आयोग के लागू होने, मानसून के सामान्य रहने की संभावनाओं और नयी लुभावनी गाड़ियों के बाजार में आने से अगले कुछ महीनों के दौरान वाहनों की बिक्री में खासा इजाफा देखने को मिल सकता है. इसके अलावा जानकारों का यह भी कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद घरेलू वाहनों पर लगने वाले टैक्स में कटौती और उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल सस्ता होने से अधिकतर यात्री गाड़ियों की कीमतों में और कमी देखने को मिल सकती है, जो निश्चित तौर पर ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहेगी.

Courtesy: Satyagrah

Categories: Finance

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