योगी सरकार के बजट में ‘उत्तम प्रदेश’ की झलक नहीं, 22 करोड़ जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण-मायावती

योगी सरकार के बजट में ‘उत्तम प्रदेश’ की झलक नहीं, 22 करोड़ जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण-मायावती

लखनऊ। बीएसपी सुप्रीमो ने  कहा कि उत्तर प्रदेश बीजेपी की सरकार द्वारा विधानसभा आमचुनाव के लगभग चार महीने के बाद आज विधानसभा में पेश किये गये बजट ने प्रदेश के करोड़ो आमजनता, गरीब, मजदूर, किसान व अन्य मेहनतकश लोगों के साथ-साथ बेरोजगार युवकों को बहुत ही मायूस किया है। इस बजट में कहा गया है कि ‘हमें आर्थिक विपन्नता’ मिली परन्तु इसके निदान के मामले में केन्द्र की सहायता नहीं हासिल कर पाना वास्तव में केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा दोनों ही स्तर पर प्रदेश की जनता के साथ धोखाधड़ी है।

मायावती ने कहा, मोदी सरकार ने प्रदेश में बीजेपी सरकार बन जाने पर भरपूर केन्द्रीय सहायता देकर उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने का बार-बार वायदा किया था, परन्तु योगी सरकार के बजट में इसकी कोई झलक नहीं मिलती है, जो प्रदेश की 22 करोड़ जनता के लिये काफी दुःखद व दुर्भाग्यपूर्ण बात है।

साथ ही, किसानों की कर्ज माफी बिना शर्त होनी चाहिये, जैसाकि चुनाव में उनसे बार-बार वायदा किया गया था। इस प्रकार उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य व भारी जनसंख्या वाले प्रदेश के लिये मा़त्र 36 हजार करोड़ रूपये की कर्ज माफी ऊँट के मुँह में जीरा साबित हो सकती है। इस मामले में भी मोदी सरकार को अपना चुनावी वायदा निभाने के लिये जरुर आगे आना चाहिये।

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रथम बजट के प्रावधानों से ऐसा नहीं लगता है कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर व्याप्त ग़रीबी व बेरोजगारी हटाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके अलावा नागरिकों पर अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाना बीजेपी सरकार की मजबूरी है क्योंकि मोदी सरकार ने जीएसटी की नई कर व्यवस्था को लागू करके पहले ही लोगों की कमर तोड़ दी है। वर्तमान में लोगों को उनके जरूरत की हर चीज महंगी होती हुई नजर आ रही है।

बीएसपी सुप्रीमो ने आगे कहा, इतना ही नहीं बल्कि ‘निर्दोष को छेडे़ंगे नहीं, दोषियों को छोड़ेंगे नहीं’ का राग बजट भाषण में भी अलापा गया है, किन्तु इस सरकार में अब तक का अनुभव जो यही बताता है कि सब कुछ इसका उल्टा हो रहा है जिसके अन्तर्गत निर्दोष लोगों व व्यापारियों आदि को प्रताड़ित किया जा रहा है और दोषी लोग छोड़े जा रहे हैं और उन पर से मुकदमें समाप्त करके कानून से खिलवाड़ करने की भी कोशिश की जा रही है जो कि प्रदेश के हित में कतई शुभ लक्षण नहीं माने जा सकते हैं।

Courtesy: nationaldastak.

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