जानिए पूरी कहानी, सहवाग कैसे टीम इंडिया के कोच पद की रेस में शास्त्री से पिछड़े

जानिए पूरी कहानी, सहवाग कैसे टीम इंडिया के कोच पद की रेस में शास्त्री से पिछड़े

नई दिल्ली, टीम इंडिया को रवि शास्त्री के रूप में नया कोच मिल गया है, लेकिन क्या आपको पता है कि कोच पद की इस दौड़ में रवि शास्त्री को सबसे बड़ी टक्कर किसने दी थी? रवि शास्त्री को टक्कर देने के मामले में सबसे आगे रहे थे दूसरे भारतीय उम्मीदवार और पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग।

हालांकि सीएसी के सामने प्रजेंटेशन की बात करें तो वीरेंद्र सहवाग रवि शास्त्री और टॉम मूडी के बाद तीसरे नंबर पर थे। लेकिन अगर आप इस पद के लिए सहवाग की तैयारियों के बारे में जानेंगे तो चौंक जाएंगे। सहवाग इस पद के लिए इतने गंभीर थे कि मुख्य उम्मीदवारों में केवल वही इंटरव्यू देने सीएसी के सामने मुंबई में पेश हुए थे।

कई सूत्रों की मानें तो सोमवार को हुए इंटरव्यू के बाद सहवाग को इस पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। यही नहीं, शास्त्री की तरह उन्हें भी टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का समर्थन हासिल था। वीरेंद्र सहवाग इस मामले में खुद कोहली से जाकर मिले थे और उनकी राय ली थी।

दरअसल बीते आइपीएल में पंजाब की टीम के मेंटॉर बने सहवाग को भरोसा था कि वह टीम इंडिया के कोच की भूमिका भी निभा सकते हैं। उनके नेतृत्व में पंजाब की टीम ने इस बार अच्छा खेल भी दिखाया था। इन सबके अलावा सहवाग ने कोच पद के लिए इंटरव्यू देने से पहले जमकर मेहनत की थी और टीम इंडिया के साथ काफी ग्राउंडवर्क भी किया था।

वीरू में यह भरोसा बीसीसीआइ के एक अधिकारी से बातचीत के बाद आया था। बीसीसीआइ के अधिकारी ने वीरू को कोच पद के लिए आवेदन करने को कहा था। अधिकारी ने कहा था कि अगर वह खुद को कोच पद के लिए ठीक समझते हैं तो वह इसकी तैयारी करें और इस पद के लिए जरूर आवेदन करें। इसके बाद सहवाग ने कोहली से मिलना भी बेहतर समझा। जानकारी के मुताबिक कोहली ने सहवाग को कहा था, ‘बिल्कुल वीरू पा। हम सभी जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट में आपका योगदान शीर्ष स्तर का रहा है। मुझे इस बात से कोई परेशानी नहीं है कि आप कोच बनने के लिए आवेदन कर रहे हैं। जो भी यह मानता है कि वह भारतीय क्रिकेट में बेहतर योगदान दे सकता है वह इस पद के लिए आवेदन कर सकता है और उसे करना भी चाहिए।’

हालांकि कोहली ने सहवाग से यह भी कहा था, ‘पाजी, आपके लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है और मुझे मालूम है कि आप बतौर कोच शानदार काम करेंगे, लेकिन आपको यह समझना होगा कि इस पद के लिए एक खास तरह का प्रोफेशनल सेटअप है। इसलिए यह थोड़ा मुश्किल भी है और बाकी सब तो सीएसी के हाथ में है।’

कोहली ने कहा था, ‘टीम के साथ काम करने के लिए पिछले कुछ समय से हमारे साथ सपोर्ट स्टाफ है। टीम का प्रत्येक वह सदस्य जिसे व्यक्तिगत स्तर पर यह महसूस होता है कि उसे किसी खास व्यक्ति की मदद की जरूरत है, तो वह उनसे चर्चा करते हैं।’ इसके बाद ही सहवाग ने जमकर तैयारी की थी। यही नहीं, बीते सोमवार को सीएसी के सामने सबसे लंबा इंटरव्यू सहवाग का ही हुआ था। सीएसी के सामने सारे इंटरव्यू छह घंटे में खत्म हो गए थे, जिसमें सहवाग का इंटरव्यू करीब दो घंटे तक चला था।

माना जाता है कि सोमवार शाम तक सहवाग ही शास्त्री से रेस में आगे चल रहे थे। वह सीएसी के प्रभावशाली सदस्य सौरव गांगुली की पसंद भी बताए जा रहे थे। शायद इसलिए सोमवार शाम को ही होने वाली कोच पद की घोषणा टाल दी गई थी। हालांकि, सचिन तेंदुलकर और बाद में वीवीएस लक्ष्मण का समर्थन हासिल होने शास्त्री ही सहवाग पर भारी पड़ गए और इस तरह सहवाग कोच बनने की रेस में पिछड़ गए।

Courtesy: Jagran.com

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