मोदी ‘राज’: बिना सिविल सर्विस परीक्षा पास किये प्राइवेट सेक्टर के लोग बनेंगे IAS अफसर

मोदी ‘राज’: बिना सिविल सर्विस परीक्षा पास किये प्राइवेट सेक्टर के लोग बनेंगे IAS अफसर

नई दिल्ली। देश की सबसे प्रतिष्ठित मानी जाने वाली सिविल सेवाओं में परीक्षा के माध्यम से भर्ती के अलावा मोदी सरकार अब सरकारी मंत्रालयों और कार्यालयों में कॉर्पोरेट अफसरों की नियुक्ति का प्रावधान करने जा रही है, जिससे कि प्राइवेट कंपनियों के अफसरों को सीधे आईएएस या आईपीएस बनाया जा सकेगा।

मुख्य बातें-

  1. प्राइवेट कंपनियों के अफसरों को आईएएस बनाएगी मोदी सरकार
  2. पीएमओ के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने प्रस्ताव तैयार करने को कहा
  3. मंत्रालयों में उप सचिव, निदेशक और संयुक्त सचिव रैंक के पदों पर नियुक्ति होगी

 

सरकार चाहती है कि निजी क्षेत्र के अधिकारियों को विभिन्न विभागों में उप सचिव, निदेशक और संयुक्त सचिव रैंक के पदों पर नियुक्त किया जाए। इसके अलावा केंद्र सरकार अब लैटरल एंट्री का भी प्रावधान करने जा रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को इसके लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।

सूत्रों के मुताबिक, निजी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर चयन किया जाएगा। हालांकि, ऐसे लोगों के मौजूदा वेतन का निर्धारण नहीं किया जाएगा। कैबिनेट सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी समिति ऐसे लोगों का अंतिम रूप से चयन करेगी।

 

गौरतलब है कि साल 2016  के अगस्त माह में कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में यह बताया था कि ऐसी समिति गठित करने की कोई योजना नहीं है, जो सिविल सेवाओं में लैटरल इंट्री की संभावना पर विचार कर सके। माना जा रहा है कि शुरूआत में निजी क्षेत्रों, शिक्षा, गैर सरकारी संगठनों से जुड़े तकरीबन 40 ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा।

Courtesy: nationaldastak.

Categories: India

Related Articles