हारकर भी लोगों का दिल जीत गई टीम इंडिया

हारकर भी लोगों का दिल जीत गई टीम इंडिया

नई दिल्ली। महिला वर्ल्ड कप 2017 का फाइनल मैच रविवार को इंग्लैंड और भारत के बीच लॉर्ड्स में खेला गया। इस मुकाबले में भारतीय टीम आखिरी ओवरों में दबाव को नहीं झेल पाई और 9 रनों से हारकर उपविजेता बन संतोष करना पड़ा। हालांकि, भारतीय टीम इतिहास बनाने से जरूर चूक गई, लेकिन टूर्नामेंट में जिस जज्बे के साथ भारतीय टीम ने खेला उसकी हर ओर तारीफ हो रही है।

मुख्य बातें-

  1. पुरुष क्रिकेट टीम के मुकाबले भेदभाव का शिकार होती है महिला टीम
  2. जितनी ब्रांडिंग पुरुष टीम की होती है, उसके मुकाबले महिला टीम को बहुत कम लोग जानते हैं
  3. भारत को पहला वर्ल्ड कप 1983 में लॉर्ड्स के मैदान में ही मिला था

दरअसल भारत ने इससे पहले अपने जितने भी मैच जीते, उसमें विपक्षी टीम के टॉप ऑर्डर को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। लेकिन इस मैच में ऐसा नहीं हो पाया। इंग्लैंड का पहला विकेट 47 रन के स्कोर पर गिरा।

महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली झुलन गोस्वामी ने तीन ओवरों में तीन विकेट चटकाए। उस वक्त इंग्लैंड का स्कोर 164 रन पर 6 विकेट था। लेकिन 40वें ओवर में झुलन का स्पेल खत्म होने के बाद कोई भी भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के खिलाड़ियों को रोक नहीं पाई।

पिछला ऑर्डर बिल्कुल नहीं चल पाया जिसके चलते जीत हाथों में आते आते रह गई। जिस वक्त पूनम राउत और वेदा कृष्णामूर्ति की 53 रनों की साझेदारी टूटी तब भारत के 7 विकेट बाकी थे और रन बनाने थे कुल 38। लेकिन इनके बाद कोई भी टिककर बल्लेबाजी नहीं कर पाया और 219 के स्कोर पर राजेश्वरी गायकवाड़ को आउट करते ही इंग्लैंड टीम जश्न मनाने लगी।

Courtesy: nationaldastak.

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