तेजस्वी के बाद अब अखिलेश यादव को घेरने की तैयारी में भाजपा

तेजस्वी के बाद अब अखिलेश यादव को घेरने की तैयारी में भाजपा

नई दिल्ली। बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के बाद अब यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भाजपा के निशाने पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की सीबीआई जांच कराने का ऐलान किया है। इसके बाद राज्यपाल राम नाईक को भी याद आ गई है कि अखिलेश राज में भ्रष्टाचार हुआ था और वे इसके बारे में जानते थे।

मुख्य बातें-

  1. लालू प्रसाद यादव बना रहे हैं बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन
  2. यूपी से मायावती और अखिलेश यादव भी महागठबंधन में हो सकते हैं शामिल
  3. 27 अगस्त को पटना में रैली कर रहे हैं लालू यादव

अमर उजाला की खबर के मुताबिक, राज्यपाल ने कहा कि लोकायुक्त के माध्यम से मिले भ्रष्टाचार के 40 मामले उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेजे थे। मगर, इनमें से एक पर भी कार्रवाई नहीं हुई।

राज्यपाल ने कहा कि इन सभी मामलों को अब फिर से योगी सरकार को सौंपा गया है। वह इनकी जांच करा रहे हैं। वहीं, राम नाईक ने योगी सरकार को भी कानून व्यवस्था में सुधार की नसीहत दी।

 

रविवार को महाराष्ट्र मंडल के कार्यक्रम के बाद होटल क्लार्क शिराज में राम नाईक ने बतौर राज्यपाल अपने तीन साल का कार्यवृत्त पेश किया। इसके बाद प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त एक कुलपति प्रो. मुन्ना सिंह को वह निलंबित कर चुके हैं। छह और कुलपतियों की शिकायत के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि इनका मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 29 विश्वविद्यालयों का शैक्षिक कैलेंडर बिगड़ा हुआ था। मगर, अब इनमें काफी सुधार हुआ है। पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत पर राज्यपाल ने कहा कि जांच जारी है।

उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि कुलपतियों के साथ बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री शामिल हुए। इससे पहले ऐसा नहीं होता था, इसकी वजह से कुलपतियों, कुलाधिपति (राज्यपाल) और सरकार के बीच सामंजस्य नहीं बैठ पाता था।

राम नाईक ने कहा कि जिस तरह से अखिलेश सरकार से कानून व्यवस्था में सुधार के लिए कहा था, उसी तरह से योगी सरकार को भी इसमें सुधार के लिए कहा गया है। समाज का अधिकार है कि उसे पूरी सुरक्षा मिले। राज्यपाल ने कहा कि सदन तभी अच्छा चलता है, जब विपक्ष को कहने का मौका मिले और सरकार को अपना काम करने का रास्ता। योगी सरकार के साथ वह प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रयासरत हैं।

आपको बता दें कि 2019 में लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में लालू प्रसाद यादव भाजपा के खिलाफ महागठबंधन तैयार करने पर अड़े हैं। इसमें अखिलेश यादव, मायावती, ममता बनर्जी सहित अन्य दलों के भी दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में लालू परिवार पर सीबीआई की कार्रवाई होना कई सवाल खड़े कर रहा है। लालू यादव खुद कह चुके हैं कि यह सब उनकी 27 अगस्त को पटना में होने वाली रैली को फ्लॉप करने के लिए बीजेपी करा रही है।

Courtesy: nationaldastak.

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